Search KhabarFast

Press ESC to close

टक्कर होने से पहले अपने आप रुक जाएगी कार! 2030 से बदल सकते हैं गाड़ियों के नियम

टक्कर होने से पहले अपने आप रुक जाएगी कार! 2030 से बदल सकते हैं गाड़ियों के नियम

Car Alarming System:सड़क हादसों पर लगाम लगाने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ऑटोमोबाइल क्षेत्र में नई तकनीकों पर जोर दिया जा रहा है। इनमें ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB) सिस्टम खास है। यह तकनीक संभावित टक्कर का पता लगाकर चालक को चेतावनी देती है और जरूरत पड़ने पर अपने आप ब्रेक लगा सकती है। इससे दुर्घटना की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है। इसी बीच, 2030 से गाड़ियों के लिए सुरक्षा नियमों में संभावित बदलाव को लेकर भी चर्चा तेज है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि नियमों की अनिवार्यता देश और संबंधित सरकारी अधिसूचना पर निर्भर करेगी।

ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम कार में लगे कैमरे, रडार और अन्य सेंसर की मदद से सामने मौजूद वाहन, पैदल यात्री या रास्ते में आने वाली बाधा का पता लगा सकता है। जब सिस्टम को लगता है कि टक्कर होने का खतरा है, तो यह पहले ड्राइवर को अलर्ट करता है। यदि चालक समय रहते ब्रेक नहीं लगाता, तो सिस्टम अपने आप ब्रेक लगाने की कोशिश करता है। कम गति पर यह तकनीक खास तौर पर उपयोगी हो सकती है। हालांकि, इसकी क्षमता मौसम, सड़क की स्थिति, सेंसर और वाहन के मॉडल के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

अक्टूबर 2030 से नए कार मॉडल में AEBS का प्रस्ताव

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत 1 अक्टूबर 2030 से नए कार मॉडल में एडवांस्ड इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम (AEBS) लगाना अनिवार्य करने की योजना है। वहीं, पहले से बाजार में मौजूद और उत्पादन में जारी कार मॉडल के लिए 1 अक्टूबर 2032 की समयसीमा प्रस्तावित है। यह प्रस्तावित नियमों का हिस्सा है, इसलिए इसे अंतिम रूप से लागू मानना अभी सही नहीं होगा। वाहन निर्माताओं को नई तकनीक अपनाने और गाड़ियों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए समय मिलेगा।

सड़क हादसों में कमी लाने पर जोर

इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों की संख्या कम करना और वाहन सुरक्षा को बेहतर बनाना है। अचानक सामने किसी वाहन के आने, ट्रैफिक में तेजी से ब्रेक लगाने या चालक के समय पर प्रतिक्रिया नहीं देने जैसी परिस्थितियों में AEBS मददगार साबित हो सकता है। हालांकि, यह सिस्टम हर दुर्घटना को रोकने की गारंटी नहीं देता। चालकों को यातायात नियमों का पालन करना, सुरक्षित दूरी बनाए रखना और गति सीमा का ध्यान रखना जरूरी होगा। यदि प्रस्ताव लागू होता है, तो भारतीय कारों में आधुनिक सुरक्षा तकनीक को बढ़ावा मिलेगा और वाहन सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में यह एक अहम कदम होगा।

 

Also read: India-Poland Deal: मशीनरी, केमिकल्स और प्लास्टिक के निर्यात के खुलेंगे नए रास्ते, PM मोदी ने बताई योजना

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

अमिताभ बच्चन-दिलजीत दोसांझ को बम की धमकी, कई स्कूलों पर भी खतरा; मुंबई की मेयर को आया ईमेल

Death Threat to Diljit Dosanjh:बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन और पंजाबी गायक-अभिनेता दिलजीत दोसांझ को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर सामने आई है। इसके अलावा कई स्कूलों को भी निशाना बनाए

लॉन्च होते ही टूट पड़े लोग, पहले दिन ही Hyundai Tucson को मिली बंपर बुकिंग

Hyundai Tucson Launched:दक्षिण कोरिया की दिग्गज कार निर्माता कंपनी Hyundai ने अपनी नई जनरेशन Tucson SUV को घरेलू बाजार में लॉन्च कर दिया है। 22 अक्टूबर 2026 को इसकी बुकिंग शुरू हुई और पहले ही दिन ग्राहकों ने इसे जबरदस्त प्रतिक्रिया दी। कंपनी के मुताबिक, नई Hyundai Tucson को पहले दिन कुल 15,045 ऑर्डर

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

Khabar Fast