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NEET प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त...छात्रों पर कार्रवाई रोकने का आदेश, निष्पक्ष जांच के निर्देश

NEET प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त...छात्रों पर कार्रवाई रोकने का आदेश, निष्पक्ष जांच के निर्देश

CJP Protest: दिल्ली और देश के कई राज्यों में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान हिंसा के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई के आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच जरूरी है। साथ ही अदालत ने प्रदर्शन में गिरफ्तार किए गए सभी नाबालिग छात्रों को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना संविधान के तहत नागरिकों का अधिकार है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि यह सुरक्षा उन लोगों को नहीं मिलेगी जो असामाजिक गतिविधियों में शामिल हैं या जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है।

सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, असम, केरल, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कथित ज्यादती और पुलिसकर्मियों पर हुए हमलों, दोनों की जांच होनी चाहिए। यह मामला NEET परीक्षा विवाद को लेकर हुए प्रदर्शनों से जुड़ा है। याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि दिल्ली में 20 जुलाई को हुए "संसद चलो" प्रदर्शन और अन्य राज्यों में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया।\

पूरे मामले की जांच जरूरी- कोर्ट

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन पूरी तरह संवैधानिक अधिकार के दायरे में आता है। उन्होंने कहा कि कई बार शांतिपूर्ण आंदोलनों में कुछ बाहरी लोग शामिल हो जाते हैं, जिससे माहौल खराब हो सकता है। इसलिए पूरे मामले की जांच जरूरी है। कोर्ट ने प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन, इलेक्ट्रिक बैटन और लाठीचार्ज के इस्तेमाल के आरोपों पर भी चिंता जताई। अदालत ने कहा कि अगर किसी को गंभीर चोट पहुंची है तो इसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही कोर्ट ने यह भी माना कि प्रदर्शन के दौरान 200 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के घायल होने के आरोपों की भी जांच जरूरी है।

सरकार को स्वतंत्र जांच पर कोई आपत्ति नहीं- तुषार मेहता

केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार को स्वतंत्र जांच पर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर छात्रों को नुकसान पहुंचा है तो दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन पुलिसकर्मियों पर हमले की भी जांच होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि प्रदर्शन से जुड़े CCTV फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग, बॉडी कैमरा फुटेज और अन्य डिजिटल सबूत सुरक्षित रखे जाएं। साथ ही प्रदर्शनकारियों की निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं करने का आदेश दिया गया है। अब इस मामले पर अगली सुनवाई सोमवार को होगी, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारें अपना जवाब दाखिल करेंगी। कोर्ट ने संकेत दिया है कि भविष्य में पुलिस द्वारा प्रदर्शन संभालने के तरीकों को लेकर नए दिशा-निर्देश भी बनाए जा सकते हैं।

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