बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीति फाइनल, लोकसभा फार्मूले के अनुसार बंटेंगी सीटें!

बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीति फाइनल, लोकसभा फार्मूले के अनुसार बंटेंगी सीटें!

Bihar Assembly Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है।  खबरों के अनुसार एनडीए ने लोकसभा चुनाव 2024 के सीट बंटवारे के फॉर्मूले को आधार बनाते हुए विधानसभा चुनाव के लिए सीटों का बटवारा तय किया है। इस फॉर्मूले के तहत जनता दल यूनाइटेड (JDU) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) से अधिक सीटें मिलने की संभावना है। जबकि अन्य सहयोगी दलों को भी उनकी ताकत के आधार पर सीटें दी जाएंगी।
 
सीट बंटवारे का फॉर्मूला और रणनीति
खबरों के मुताबिक जदयू 243 विधानसभा सीटों में से 102-103 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है जबकि बीजेपी को 101-102 सीटें मिलने की उम्मीद है। बाकी की करीब 40 सीटें लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम), और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के बीच बांटी जाएंगी। विशेष रूप से चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) को 30 सीटें और उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम को 6 सीटें मिलने की संभावना है। जीतन राम मांझी की हम पार्टी को भी 4-5 सीटें दी जा सकती हैं।  
 
बीजेपी ने इस बार जीत की संभावनाओं को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। पार्टी ने सभी 243 सीटों पर सर्वे पूरा कर लिया है और टिकट बंटवारे में उम्मीदवारों की जीतने की क्षमता को आधार बनाया जाएगा। इसके अलावा जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए हर जिले में सभी प्रमुख जातियों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की जाएगी।  
 
जदयू का मिशन 
जदयू ने 'मिशन 225' के तहत अपनी रणनीति बनाई है जिसका लक्ष्य 225 सीटों पर जीत हासिल करना है। पार्टी ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में सम्मेलन आयोजित करने की योजना बनाई है। जो दिसंबर 2025 तक पूरी होगी। इन सम्मेलनों में विकास योजनाओं को जनता तक पहुंचाने और कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने पर जोर दिया जाएगा। जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सेहत को लेकर चल रही चर्चाओं ने गठबंधन के भीतर कुछ असहमति पैदा की है। बीजेपी के कुछ नेता नीतीश के नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनका समर्थन किया है। 
 
विपक्ष की तैयारियां और चुनौतियां
दूसरी ओर महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस भी अपनी रणनीति बना रहे हैं। राजद के साथ गठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताने वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने भी पासा फेंका है। कांग्रेस ने 2020 में 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था और इस बार भी इतनी ही या उससे अधिक सीटों पर लड़ने की तैयारी कर रही है। 

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