अश्विन ने बांग्लादेश टेस्ट सीरीज से पहले रिटायरमेंट को लेकर किया बड़ा खुलासा, साझा की भविष्य की योजनाएं

अश्विन ने बांग्लादेश टेस्ट सीरीज से पहले रिटायरमेंट को लेकर किया बड़ा खुलासा, साझा की भविष्य की योजनाएं

R. Ashwin Retirement Plans: टीम इंडिया लंबे ब्रेक के बाद क्रिकेट के मैदान पर लौटने के लिए तैयार है। 19सितंबर से बांग्लादेश के खिलाफ शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी। इस सीरीज की शुरुआत से पहले, टीम इंडिया के प्रमुख स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने रिटायरमेंट के बारे में खुलकर चर्चा की है और अपने भविष्य की योजना के बारे में बताया है।

अश्विन ने रिटायरमेंट के बारे में क्या कहा?

रविचंद्रन अश्विन ने हाल ही में विमल कुमार के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान अपने रिटायरमेंट के प्लान पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह संन्यास के बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे हैं।

अश्विन ने स्पष्ट किया, "जब मुझे लगेगा कि मैं अपने खेल को सुधारने की इच्छा नहीं रखता, तब मैं संन्यास के बारे में सोचूंगा। मेरे दिमाग में इस समय ऐसा कोई विचार नहीं है। मैं हर दिन एक समय में एक दिन के बारे में ही सोचता हूं। उम्र बढ़ने के साथ मेहनत की जरूरत होती है और मैंने पिछले 3-4सालों में काफी मेहनत की है। अभी संन्यास का कोई विचार नहीं है, लेकिन जिस दिन मुझे लगेगा कि मैं सुधार नहीं करना चाहता, तब मैं संन्यास ले लूंगा।"

40साल तक क्रिकेट खेलने की संभावना

बता दें कि,रविचंद्रन अश्विन 17सितंबर को 38साल के हो जाएंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह 40साल की उम्र तक क्रिकेट खेलना चाहेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया, "मैंने देखा है कि 2018-20के कठिन दौर के बाद मेरी जिंदगी कैसे बदल गई। मैं सिर्फ क्रिकेट के प्रति अपनी खुशी बनाए रख रहा हूं। जिस पल मुझे लगेगा कि मैं इस खेल से खुशी खो रहा हूं, मैं इसे छोड़ दूंगा। क्रिकेट में सबका स्थान बदलता है, कोई और आएगा और अच्छा करेगा। यही भारतीय क्रिकेट है।"

अनिल कुंबले के रिकॉर्ड को लेकर अश्विन की सोच

रविचंद्रन अश्विन ने अब तक 100टेस्ट मैच खेले हैं और इनमें 516विकेट लेकर भारत के दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने हैं। अनिल कुंबले 619विकेट के साथ पहले स्थान पर हैं। अश्विन ने अनिल कुंबले के रिकॉर्ड को तोड़ने की संभावनाओं पर कहा, "मैंने अपने लिए कोई खास टारगेट सेट नहीं किया है। अनिल भाई चाहते हैं कि मैं उनका रिकॉर्ड तोड़ूं, लेकिन मैं हर दिन को जीकर खुश हूं। मैं खेल के प्रति अपना प्यार बनाए रखने के लिए लक्ष्य तय नहीं करना चाहता।"

रविचंद्रन अश्विन का यह बयान उनकी क्रिकेट यात्रा और भविष्य की योजनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है। ऐसे में उनके अनुशासन और मेहनत की झलक उनके करियर को और भी प्रेरणादायक बनाती है।

Leave a comment