
Ind vs Aus, 2nd Test: पर्थ में ऐतिहासिक जीत के बाद, टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने एडिलेड टेस्ट से पहले एक अहम फैसला लिया। उन्होंने अपनी ओपनिंग पोजिशन छोड़ दी और केएल राहुल को ओपनर बनाने का निर्णय लिया। अब सवाल उठता है कि जब रोहित शर्मा का ओपनिंग में शानदार रिकॉर्ड है, तो उन्होंने यह जिम्मेदारी केएल राहुल को क्यों सौंपी?
केएल राहुल की तकनीक और धैर्य
रोहित शर्मा ने केएल राहुल को ओपनिंग का मौका देने का फैसला उनके टैलेंट और तकनीकी कौशल को देखकर लिया। हालांकि केएल राहुल का टेस्ट क्रिकेट में औसत 35 से कम है, लेकिन उनकी बैटिंग तकनीक, धैर्य और फोकस उन्हें अन्य भारतीय बल्लेबाजों से अलग बनाते हैं। पर्थ टेस्ट में राहुल ने यह साबित किया। पर्थ की तेज पिच पर जहां बल्लेबाजों के लिए टिकना भी मुश्किल था, राहुल ने अपनी कड़ी मेहनत से टीम को मजबूती दी। पहली पारी में उन्होंने 26 रन और दूसरी पारी में 77 रन बनाए, और कुल 404 मिनट तक बल्लेबाजी की। राहुल की यह स्थिरता टीम के लिए अहम साबित हुई, जिसके बाद यशस्वी जायसवाल और विराट कोहली ने भी शतक बनाए।
विदेशी पिचों पर राहुल का बेहतरीन प्रदर्शन
केएल राहुल का विदेशी पिचों पर प्रदर्शन भी बेहतरीन रहा है। उन्होंने ओपनर के तौर पर 77 पारियां खेली हैं, जिनमें से 53 पारियां विदेश में रही हैं। राहुल ने विदेश में 7 टेस्ट शतक लगाए, जिनमें से 6 शतक उन्होंने ओपनिंग पर किए। उनकी तकनीक और खेल की समझ को देखते हुए रोहित शर्मा ने राहुल पर विश्वास जताया है।
राहुल की तकनीक की दिग्गजों ने की तारीफ
टेस्ट क्रिकेट में ओपनर के लिए सबसे जरूरी चीज होती है गेंद का सही जजमेंट। राहुल की तकनीक में यही विशेषता है। पर्थ में 404 मिनट तक बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने कई गेंदों को बेहतरीन तरीके से छोड़ा, जिससे उनकी तकनीक और खेल की गुणवत्ता दिखी। रोहित शर्मा ने खुद कहा कि वे घर से राहुल की बल्लेबाजी देख रहे थे और उन्हें वह बहुत पसंद आई। यही वजह है कि कप्तान ने राहुल को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी।
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