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आज का इतिहास:  प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के राजनीतिक पद ग्रहण करने पर लगा दी थी  रोक, जानें वजह

आज का इतिहास: प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के राजनीतिक पद ग्रहण करने पर लगा दी थी रोक, जानें वजह

नई दिल्ली : साल के छठे महीने का आज 12वां दिन है। आज के दिन यानी 12 जून को भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भ्रष्टाचार के मामलें में कार्ट द्वारा दोषी ठहराया गया था। दरअसल इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 12 जून 1975 के दिन देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चुनाव में सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल का दोषी ठहराते हुए उनके निर्वाचन को अमान्य करार दिया। मामला 1971 के लोकसभा चुनाव के सिलसिले में विपक्ष के नेता राजनारायण ने दाखिल किया था और अदालत ने इंदिरा गांधी को चुनाव में अनुमति से ज्यादा धन व्यय करने और सरकारी संसाधनों के दुरूपयोग का दोषी पाया। जिसके बाद उनके किसी भी राजनीतिक पद ग्रहण करने पर रोक लगा दी गई। हालांकि यह फैसला अमल में नहीं आया और इसके बाद का घटनाक्रम आपातकाल के काले दौर का गवाह बना। ...

अंधेरे में क्यों चमकती है बिल्ली और कुत्ते की आंखें, जानें इसके पीछे की वजह

अंधेरे में क्यों चमकती है बिल्ली और कुत्ते की आंखें, जानें इसके पीछे की वजह

नई दिल्ली: अक्सर आपने अंधेरे में बिल्ली, कुत्ते, गाय या अन्य घरेलु जानवरों को देखा होगा तो एक चीज पर गौर जरूर किया होगा। वो ये कि उनकी आंखें चमकती दिखाई देती हैं। लेकिन कभी आपने से सोचा है कि ये क्यों चमकती है। चलिए हम आपको इस सवाल का जवाब देते हैं। ...

आज का इतिहास: महिलाओं को पुरुषों के बराबर मतदान डालने का मिला था अधिकार, एडविन आर्मस्ट्रांग ने पहली बार 'FM' का किया था प्रसारण

आज का इतिहास: महिलाओं को पुरुषों के बराबर मतदान डालने का मिला था अधिकार, एडविन आर्मस्ट्रांग ने पहली बार 'FM' का किया था प्रसारण

नई दिल्ली: साल के छठे महीने का 11 वां दिन इतिहास के पन्नों में कुछ खास जगह रखता है। आज का दिन यानी 11 जून को देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की इच्छा के अनुरूप उनकी अस्थियों (राख) को देश भर में बिखेरी गई थी। दरअसल पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्म 14 नवम्बर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने घर पर निजी शिक्षकों से प्राप्त की। पंद्रह साल की उम्र में वे इंग्लैंड चले गए और हैरो में दो साल रहने के बाद उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया जहाँ से उन्होंने प्राकृतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। 1912 में भारत लौटने के बाद वे सीधे राजनीति से जुड़ गए। यहाँ तक कि छात्र जीवन के दौरान भी वे विदेशी हुकूमत के अधीन देशों के स्वतंत्रता संघर्ष में रुचि रखते थे। 27 मई, 1964 में हार्टअटैक से दिल्ली उन्होंने अपनी आखिरी सामस ली थी। ...

पलक झपकते ही बदल गई एक मजदूर की किस्मत, हाथ लगा करीब 70 लाख का हीरा

पलक झपकते ही बदल गई एक मजदूर की किस्मत, हाथ लगा करीब 70 लाख का हीरा

नई दिल्ली: कब किसकी किस्मत चमक उठे कोई नहीं जानता है। लेकिन कहते है कि जब भगवान देता है तो छप्पर फाडकर देता है। ऐसी ही एक मजदूर के साथ हुआ पलक छपकते ही मजदूर की किस्मत चमक उठी। दरअसल हीरा नगरी के नाम से मशहूर पन्ना जिले के एक मजदूर के हाथ हीरा लगा है जिससे वह लखपति बन गया। ...

आज का इतिहास:  भारत के मशहूर चित्रकार दुनिया को कह गए थे अलविदा, तूफान के चलते 1,600 लोगों ने गंवाई थी अपनी जान

आज का इतिहास: भारत के मशहूर चित्रकार दुनिया को कह गए थे अलविदा, तूफान के चलते 1,600 लोगों ने गंवाई थी अपनी जान

नई दिल्ली: आज के दिन यानी नौ जून को एक महशूश चित्रकला दुनिया को अलविदा कह गए थे। बता दें कि भारत में आधुनिक चित्रकला के पर्याय एम.एफ. हुसैन ने आज ही के दिन दुनिया को अलविदा कहा था। एम एफ हुसैन को पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर पहचान 1940 के दशक के आखिर में मिली। युवा चित्रकार के रूप में एम एफ़ हुसैन बंगाल स्कूल ऑफ़ आर्ट्स की राष्ट्रवादी परंपरा को तोड़कर कुछ नया करना चाहते थे। हुसैन बहुत छोटे थे जब उनकी मां का देहांत हो गया। इसके बाद उनके पिता इंदौर चले गए जहाँ हुसैन की प्रारंभिक शिक्षा हुई। बीस साल की उम्र में हुसैन बम्बई गये और उन्हे जे जे स्कूल ओफ़ आर्ट्स में दाखला मिल गया। शुरुआत में वे बहुत कम पैसो में सिनेमा के होर्डिन्ग बनाते थे। कम पैसे मिलने की वजह से वे दूसरे काम भी करते थे जैसे खिलोने की फ़ैक्टरी में जहाँ उन्हे अच्छे पैसे मिलते थे। पहली बार उनकी पैन्टिन्ग दिखाये जाने के बाद उन्हे बहुत प्रसिद्धी मिली। अपनी प्रारंभिक प्रदर्शनियों के बाद वे प्रसिद्धि के सोपान चढ़ते चले गए और विश्व के अत्यंत प्रतिभावान कलाकारों में उनकी गिनती होती थी। ...

आखिर क्यों मनाया जाता है World Brain Tumor Day, जानें इस दिन का इतिहास और महत्व

आखिर क्यों मनाया जाता है World Brain Tumor Day, जानें इस दिन का इतिहास और महत्व

8 मई को पूरा विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस मनाता है। ब्रेन ट्यूमर जैसी समस्या दिन-ब-दिन विश्व में बढ़ती ही जा रही है। ऐसे लोग जो रेडिकशन के संपर्क में अधिक रहते हैं और धूमपान अधिक करते हैं, ऐसे लोगों को ब्रेन ट्यूमर का बहुत ज्यादा खतरा होता है, इन्हीं लोगों को सचेत करने के लिए इस दिन का आयोजन किया जाता है। बीमारी के प्रति जागरूक किया जाता था। ...

आज का इतिहास: शाहजहां को कैद कर इस मुगल सम्राट ने आगरा की किले पर किया था कब्जा, मशहूर नाटककार निर्देशक ने दुनिया को कहा था अलविदा

आज का इतिहास: शाहजहां को कैद कर इस मुगल सम्राट ने आगरा की किले पर किया था कब्जा, मशहूर नाटककार निर्देशक ने दुनिया को कहा था अलविदा

नई दिल्ली: आज का दिन कई माइनों में इतिहास के पन्नों में अपनी छाप छोड़कर गया है। बता दें कि मशहूर नाटककार, निर्देशक, कवि और अदाकार हबीब तनवीर 8 जून के दिन दुनिया को अलविदा कह गए थे। हबीब तनवीर ने 50 वर्ष की अपनी लंबी रंगमंच यात्रा में 100 से अधिक नाटकों का मंचन किया। मशहूर नाटककार हबीब तनवीर का जन्म 1 सितंबर 1923 में छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुआ था, जबकि निधन 8 जून,2009 को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में हुआ। उनकी प्रमुख कृतियों में आगरा बाजार (1954) चरणदास चोर (1975) शामिल है। उन्होंने 1959 में दिल्ली में नया थियेटर कंपनी स्थापित किया था। ...

आज का इतिहास: शाहजहाँ की 13वीं पत्नी का हो गया था निधन, एंटी-कैथोलिक दंगों में करीबन 100 लोगों की हो गई थी मौत

आज का इतिहास: शाहजहाँ की 13वीं पत्नी का हो गया था निधन, एंटी-कैथोलिक दंगों में करीबन 100 लोगों की हो गई थी मौत

नई दिल्ली: हर दिन कोई न कोई अच्छी- बुरी घटनाएं इतिहास में दर्ज है। आज के दिन भी कुछ खास घटनाओं के बारें में बताएंगे जो शायद आप लोगों को नहीं पता हो। साल के छटे महीने का सातवां दिन यानी सात जून दुनिया के सात अजूबों में शुमार संगमरमरी इमारत ताजमहल से गहरा रिश्ता है। दरअसल शाहजहां की पत्नी मुमताज महल का निधन आज ही के दिन हुआ था। ...

पीती है RO का पानी...खाती है मौसमी सब्जियां...इस डेयरी का दूध पीते हैं भारत की बड़ी-बड़ी हस्तियां

पीती है RO का पानी...खाती है मौसमी सब्जियां...इस डेयरी का दूध पीते हैं भारत की बड़ी-बड़ी हस्तियां

नई दिल्ली: बड़ें-बडें लोगों के बड़ें-बड़ें शोक होना लाज़मी है। इसमें कोई शक नहीं कि एशिया में सबसे अमीरों में गिनती होने वाले अंबानी के बड़े शोक नहीं होंगे। दरअसल अंबानी से लेकर बॉलीवुड एक्टरों के निजी जीवन के बारें में बहुत कम लोग जानते होंगे या फिर ये बोले कि जिस तरह अपने घरों में सामान की जरूरत होती है वो क्या दिग्गजों के घरों में भी होती है और होती है तो कितने में क्या खरीदते होंगे। आज हम आपको देश के दिग्गजों के बारें में बताएंगे जहां से वो दूध लेते है। ...

आज का इतिहास: इस हादसे की वजह से भारत  के 800 लोगों ने  गंवाई थी अपनी जान, इस योजना को लेकर भारत-पाकिस्तान ने बढ़ाया था दोस्ती का हाथ

आज का इतिहास: इस हादसे की वजह से भारत के 800 लोगों ने गंवाई थी अपनी जान, इस योजना को लेकर भारत-पाकिस्तान ने बढ़ाया था दोस्ती का हाथ

नई दिल्ली: वैसे तो इतिहास के पन्नों में हर दिन किसी न किसी के नाम से घटना दर्ज होती है। लेकिन आज का दिन खासतौकर पर सिखों के लिए गहरा जख्म देकर गया था। दरअसल आज के दिन यानी 6 जून को स्वर्ण मंदिर में सेना का ऑपरेशन ब्लूस्टार खत्म हुआ था। अकाल तख्त हरमंदिर साहिब की तरफ बढ़ती सेना का जरनैल सिंह भिंडरावाले और खालिस्तान समर्थक चरमपंथियों ने जमकर विरोध किया और इस दौरान दोनों तरफ से भीषण गोलीबारी हुई थी। भारी खूनखराबे के बीच अकाल तख़्त को भारी नुकसान पहुंचा और कई सदियों में पहली बार ऐसा हुआ कि हरमंदिर साहिब में गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ नहीं हो पाया। वहीं पाठ न हो पाने का यह सिलसिला 6, 7 और 8 जून तक चला। ...