नई दिल्ली: आज का दिन कई माइनों में इतिहास के पन्नों में अपनी छाप छोड़कर गया है। बता दें कि मशहूर नाटककार, निर्देशक, कवि और अदाकार हबीब तनवीर 8 जून के दिन दुनिया को अलविदा कह गए थे। हबीब तनवीर ने 50 वर्ष की अपनी लंबी रंगमंच यात्रा में 100 से अधिक नाटकों का मंचन किया। मशहूर नाटककार हबीब तनवीर का जन्म 1 सितंबर 1923 में छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुआ था, जबकि निधन 8 जून,2009 को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में हुआ। उनकी प्रमुख कृतियों में आगरा बाजार (1954) चरणदास चोर (1975) शामिल है। उन्होंने 1959 में दिल्ली में नया थियेटर कंपनी स्थापित किया था। ...
नई दिल्ली: हर दिन कोई न कोई अच्छी- बुरी घटनाएं इतिहास में दर्ज है। आज के दिन भी कुछ खास घटनाओं के बारें में बताएंगे जो शायद आप लोगों को नहीं पता हो। साल के छटे महीने का सातवां दिन यानी सात जून दुनिया के सात अजूबों में शुमार संगमरमरी इमारत ताजमहल से गहरा रिश्ता है। दरअसल शाहजहां की पत्नी मुमताज महल का निधन आज ही के दिन हुआ था। ...
नई दिल्ली: बड़ें-बडें लोगों के बड़ें-बड़ें शोक होना लाज़मी है। इसमें कोई शक नहीं कि एशिया में सबसे अमीरों में गिनती होने वाले अंबानी के बड़े शोक नहीं होंगे। दरअसल अंबानी से लेकर बॉलीवुड एक्टरों के निजी जीवन के बारें में बहुत कम लोग जानते होंगे या फिर ये बोले कि जिस तरह अपने घरों में सामान की जरूरत होती है वो क्या दिग्गजों के घरों में भी होती है और होती है तो कितने में क्या खरीदते होंगे। आज हम आपको देश के दिग्गजों के बारें में बताएंगे जहां से वो दूध लेते है। ...
नई दिल्ली: वैसे तो इतिहास के पन्नों में हर दिन किसी न किसी के नाम से घटना दर्ज होती है। लेकिन आज का दिन खासतौकर पर सिखों के लिए गहरा जख्म देकर गया था। दरअसल आज के दिन यानी 6 जून को स्वर्ण मंदिर में सेना का ऑपरेशन ब्लूस्टार खत्म हुआ था। अकाल तख्त हरमंदिर साहिब की तरफ बढ़ती सेना का जरनैल सिंह भिंडरावाले और खालिस्तान समर्थक चरमपंथियों ने जमकर विरोध किया और इस दौरान दोनों तरफ से भीषण गोलीबारी हुई थी। भारी खूनखराबे के बीच अकाल तख़्त को भारी नुकसान पहुंचा और कई सदियों में पहली बार ऐसा हुआ कि हरमंदिर साहिब में गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ नहीं हो पाया। वहीं पाठ न हो पाने का यह सिलसिला 6, 7 और 8 जून तक चला। ...
नई दिल्ली: साल के छठे महीने के पांचवें दिन इतिहास के पन्नों पर देश-दुनिया की अन्य घटनाएं दर्ज की गई है। जिसे ज्यादातर लोग नहीं जानते है। सबसे पहले तो आपको बताते है कि 5 जून को विश्व में पर्यावरण के रूप में मनाया जाता है। दरअसल पर्यावरण दिवस की शुरुआत 1972 में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम से हुई थी। इसी दिन यहां पर दुनिया का पहला पर्यावरण सम्मेलन का आयोजन किया गया था। स्वीडन के इसी सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की भी नींव पड़ी और विश्व पर्यावरण मनाने का संकल्प लिया गया। इस सम्मेलन में भारत की ओर से तात्कालिक प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भाग लिया था। इसी दिन से 5 जून को पर्यावरण दिवस मनाया गया था। ...
नई दिल्ली: पिछले कुछ दशकों से पूरा विश्व आधुनिकता की दौड़ में भाग रहा है। आधुनिक बनने की होड़ में प्रत्येक देश पर्यावरण को क्षति पहुंचा रहा है। पर्यावरण दिवस की शुरुआत 1972 में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम से हुई थी। इसी दिन यहां पर दुनिया का पहला पर्यावरण सम्मेलन का आयोजन किया गया था। स्वीडन के इसी सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की भी नींव पड़ी और विश्व पर्यावरण मनाने का संकल्प लिया गया। इस सम्मेलन में भारत की ओर से तात्कालिक प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भाग लिया था। इसी दिन से 5 जून को पर्यावरण दिवस मनाया गया था। ...
नई दिल्ली: आज का दिन यानी 4 मई देश-दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुई है जो इतिहास के पन्नों पर अपना नाम दर्ज करवाया है। बता दें कि आज ही के दिन यानी 4 मई को ब्रिटेन में ही नहीं बल्कि पूरे यूरोप की पहली महिला प्रधानमंत्री मार्गेरेट थैचर को दुनिया में आयरन लेडी के तौर पर जाना गया था। उन्हें चार मई के दिन ही ब्रिटेन की प्रधानमंत्री चुना गया था। वहीं लंदन डेली मेल का पहला संस्करण चार मई को ही प्रकाशित हुआ था और आस्कर पुरस्कार देने वाली मोशन पिक्चर्स आटर्स अकैडमी की स्थापना भी अमेरिका में चार मई के दिन ही हुई थी। ...
साल के अधिकतर दिनों में हम कोई न कोई दिवस जरूर मनाते है। ये अधिकतर स्वास्थ्य, पर्यावरण या फिरकमजोर तबके के लिए होते हैं। कुछ दिवस बच्चों से संबंधित होते है। जिनमें एक है आक्रामकता का शिकार हुए मासूम बच्चों का अंतरराष्ट्रीय दिवस है। पूरे विश्व में 4जून को आक्रमण के शिकार हुए मासूम बच्चों का अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाते हुए देश एवं दुनिया के मासूम बच्चे जो शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और घरेलू शोषण का शिकार हुए हैं, उन्हें उनके कानूनों के प्रति जागरूक किया जाता है एवं उनकी खुशहाल जिन्दगी को सुनिश्चित किया जाता है। ...
नई दिल्ली: साल के छटे महीने के दूसरा हर दिन इतिहास के पन्नों पर अपनी खास पहचान रखता है। आज के ही दिन भारतीय सिनेमा जगत के बेहतरीन निर्माता, निर्देशक का जन्म हुआ था। बता दें कि 2 मई 1921 को लेखक सत्यजीत रे का जन्म हुआ था। वह एक सफल निर्देशक, लेखक होन के साथ-साथ कलाकार, चित्रकार, फिल्म निर्माता, गीतकार और कॉस्ट्यूम डिजाइनर भी थे। उन्होंने फिल्म जगत को पाथेर पांचाली, अपराजितो, अपूरसंसार और चारूलता जैसी कई यादगार फिल्में दी हैं। उन्होंने अपने जीवन में कुल 37 फिल्में बनाई थीं, जिनकी वजह से वह पूरी दुनिया में छा गए। ...
नई दिल्ली: साल के छठे महीने का पहला दिन इतिहास में अपनी एक खास जगह रखता है। बता दें कि नेपाल में आज के दिन की एक बड़ी घटना घटित हुई थी। जिसने देश के पूरे इतिहास का रूख मोड़ दिया था। इस दिन नेपाल के राजमहल में एक सामूहिक हत्या कांड हुआ था। जिसमें राजा, रानी, राजकुमार और राजकुमारियां की हत्या कर दी थी। जिसके बाद राजा के भाई ज्ञानेंद्र बीर बिक्रम शाह देश के नये राजा बने थे। ...