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आज का इतिहास: करोड़ों लोगों को छोड़ना पड़ा था अपना घर, जानिए वजह

आज का इतिहास: करोड़ों लोगों को छोड़ना पड़ा था अपना घर, जानिए वजह

नई दिल्ली: साल के छठे महीने का आज 15वां दिन है। वहीं आज का दिन देश के लिए इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिना जाता है। दरअसल कांग्रेस ने 1947 में 14-15 जून को नई दिल्ली में हुए अपने अधिवेशन में बंटवारे के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। ...

WORLD BLOOD DONOR DAY: हर साल क्यों मनाया जाता है ब्लड डोनर दिवस, जानें इसका महत्व

WORLD BLOOD DONOR DAY: हर साल क्यों मनाया जाता है ब्लड डोनर दिवस, जानें इसका महत्व

नई दिल्ली: हर साल 14 जून को विश्व रक्तदान दिवस मनाया जाता है। बता दें कि आज पूरे विश्व में रक्तदान दिवस मनाया जाएगा। इस दिन अलग-अलग देशों में ब्लड डोनर के कैंप लगाए जाते है और रक्तदाता बिना पैसों के अपना खून दान करते है। इस रक्त से जरूरतमंद लोगों की मदद की जाती है। ...

आज का इतिहास: डोनाल्ड ट्रंप से लेकर क्रांतिकारी नेता तक कई दिग्गजों का है जन्मदिन

आज का इतिहास: डोनाल्ड ट्रंप से लेकर क्रांतिकारी नेता तक कई दिग्गजों का है जन्मदिन

नई दिल्ली: साल के छठे महीने का आज 14वां दिन है। 14 जून का दिन इतिहास के पन्नों में कई महान व्यक्तियों के जन्मदिन के तौर पर दर्ज है। बता दें कि 14 जून के दिन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जन्म हुआ था। डोनाल्ड ट्रंप का जन्म 14 जून 1946 में हुआ था। 9 नवम्बर 2016 को संयुक्त राज्य अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति थे। इनका निवास स्थान ट्रम्प टॉवर, मैनहैटन में है। ट्रंप की संपत्ति की बात करें तो इनकी कुल सम्पत्ति 400 करोड़ डॉलर है। वह एक अमेरिकी रिअल एस्‍टेट कारोबारी,अमेरिकी बिजनेसमैन, टीवी पर्सनालिटी, राजनेता, लेखक हैं। ...

आज का इतिहास: उपहार सिनेमाघर में फिल्म ‘बॉर्डर’ देखने पहुंचे 59 लोगों की हो गई थी मौत, जानिए वजह

आज का इतिहास: उपहार सिनेमाघर में फिल्म ‘बॉर्डर’ देखने पहुंचे 59 लोगों की हो गई थी मौत, जानिए वजह

नई दिल्ली: कहने को तोआज का दिन बाकी दिनों की तरह ही तरह सामान्य है, लेकिन आज का दिन यानी 13 जून दिल्ली के उपहार सिनेमाघर में फिल्म ‘बॉर्डर’ देखने पहुंचे कई लोगों के जीवन का अंतिम दिन साबित हुआ था। दरअसल,दक्षिण दिल्ली के उपहार सिनेमाघर के ट्रांसफॉर्मर कक्ष में आग लग गई थी, जो तेजी से अन्य हिस्सों में फैल गई। आग की वजह से 59 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। वहीं 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। घटना की जांच के दौरान पता चला था कि सिनेमाघर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। ...

आज का इतिहास:  प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के राजनीतिक पद ग्रहण करने पर लगा दी थी  रोक, जानें वजह

आज का इतिहास: प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के राजनीतिक पद ग्रहण करने पर लगा दी थी रोक, जानें वजह

नई दिल्ली : साल के छठे महीने का आज 12वां दिन है। आज के दिन यानी 12 जून को भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भ्रष्टाचार के मामलें में कार्ट द्वारा दोषी ठहराया गया था। दरअसल इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 12 जून 1975 के दिन देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चुनाव में सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल का दोषी ठहराते हुए उनके निर्वाचन को अमान्य करार दिया। मामला 1971 के लोकसभा चुनाव के सिलसिले में विपक्ष के नेता राजनारायण ने दाखिल किया था और अदालत ने इंदिरा गांधी को चुनाव में अनुमति से ज्यादा धन व्यय करने और सरकारी संसाधनों के दुरूपयोग का दोषी पाया। जिसके बाद उनके किसी भी राजनीतिक पद ग्रहण करने पर रोक लगा दी गई। हालांकि यह फैसला अमल में नहीं आया और इसके बाद का घटनाक्रम आपातकाल के काले दौर का गवाह बना। ...

अंधेरे में क्यों चमकती है बिल्ली और कुत्ते की आंखें, जानें इसके पीछे की वजह

अंधेरे में क्यों चमकती है बिल्ली और कुत्ते की आंखें, जानें इसके पीछे की वजह

नई दिल्ली: अक्सर आपने अंधेरे में बिल्ली, कुत्ते, गाय या अन्य घरेलु जानवरों को देखा होगा तो एक चीज पर गौर जरूर किया होगा। वो ये कि उनकी आंखें चमकती दिखाई देती हैं। लेकिन कभी आपने से सोचा है कि ये क्यों चमकती है। चलिए हम आपको इस सवाल का जवाब देते हैं। ...

आज का इतिहास: महिलाओं को पुरुषों के बराबर मतदान डालने का मिला था अधिकार, एडविन आर्मस्ट्रांग ने पहली बार 'FM' का किया था प्रसारण

आज का इतिहास: महिलाओं को पुरुषों के बराबर मतदान डालने का मिला था अधिकार, एडविन आर्मस्ट्रांग ने पहली बार 'FM' का किया था प्रसारण

नई दिल्ली: साल के छठे महीने का 11 वां दिन इतिहास के पन्नों में कुछ खास जगह रखता है। आज का दिन यानी 11 जून को देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की इच्छा के अनुरूप उनकी अस्थियों (राख) को देश भर में बिखेरी गई थी। दरअसल पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्म 14 नवम्बर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने घर पर निजी शिक्षकों से प्राप्त की। पंद्रह साल की उम्र में वे इंग्लैंड चले गए और हैरो में दो साल रहने के बाद उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया जहाँ से उन्होंने प्राकृतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। 1912 में भारत लौटने के बाद वे सीधे राजनीति से जुड़ गए। यहाँ तक कि छात्र जीवन के दौरान भी वे विदेशी हुकूमत के अधीन देशों के स्वतंत्रता संघर्ष में रुचि रखते थे। 27 मई, 1964 में हार्टअटैक से दिल्ली उन्होंने अपनी आखिरी सामस ली थी। ...

पलक झपकते ही बदल गई एक मजदूर की किस्मत, हाथ लगा करीब 70 लाख का हीरा

पलक झपकते ही बदल गई एक मजदूर की किस्मत, हाथ लगा करीब 70 लाख का हीरा

नई दिल्ली: कब किसकी किस्मत चमक उठे कोई नहीं जानता है। लेकिन कहते है कि जब भगवान देता है तो छप्पर फाडकर देता है। ऐसी ही एक मजदूर के साथ हुआ पलक छपकते ही मजदूर की किस्मत चमक उठी। दरअसल हीरा नगरी के नाम से मशहूर पन्ना जिले के एक मजदूर के हाथ हीरा लगा है जिससे वह लखपति बन गया। ...

आज का इतिहास:  भारत के मशहूर चित्रकार दुनिया को कह गए थे अलविदा, तूफान के चलते 1,600 लोगों ने गंवाई थी अपनी जान

आज का इतिहास: भारत के मशहूर चित्रकार दुनिया को कह गए थे अलविदा, तूफान के चलते 1,600 लोगों ने गंवाई थी अपनी जान

नई दिल्ली: आज के दिन यानी नौ जून को एक महशूश चित्रकला दुनिया को अलविदा कह गए थे। बता दें कि भारत में आधुनिक चित्रकला के पर्याय एम.एफ. हुसैन ने आज ही के दिन दुनिया को अलविदा कहा था। एम एफ हुसैन को पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर पहचान 1940 के दशक के आखिर में मिली। युवा चित्रकार के रूप में एम एफ़ हुसैन बंगाल स्कूल ऑफ़ आर्ट्स की राष्ट्रवादी परंपरा को तोड़कर कुछ नया करना चाहते थे। हुसैन बहुत छोटे थे जब उनकी मां का देहांत हो गया। इसके बाद उनके पिता इंदौर चले गए जहाँ हुसैन की प्रारंभिक शिक्षा हुई। बीस साल की उम्र में हुसैन बम्बई गये और उन्हे जे जे स्कूल ओफ़ आर्ट्स में दाखला मिल गया। शुरुआत में वे बहुत कम पैसो में सिनेमा के होर्डिन्ग बनाते थे। कम पैसे मिलने की वजह से वे दूसरे काम भी करते थे जैसे खिलोने की फ़ैक्टरी में जहाँ उन्हे अच्छे पैसे मिलते थे। पहली बार उनकी पैन्टिन्ग दिखाये जाने के बाद उन्हे बहुत प्रसिद्धी मिली। अपनी प्रारंभिक प्रदर्शनियों के बाद वे प्रसिद्धि के सोपान चढ़ते चले गए और विश्व के अत्यंत प्रतिभावान कलाकारों में उनकी गिनती होती थी। ...

आखिर क्यों मनाया जाता है World Brain Tumor Day, जानें इस दिन का इतिहास और महत्व

आखिर क्यों मनाया जाता है World Brain Tumor Day, जानें इस दिन का इतिहास और महत्व

8 मई को पूरा विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस मनाता है। ब्रेन ट्यूमर जैसी समस्या दिन-ब-दिन विश्व में बढ़ती ही जा रही है। ऐसे लोग जो रेडिकशन के संपर्क में अधिक रहते हैं और धूमपान अधिक करते हैं, ऐसे लोगों को ब्रेन ट्यूमर का बहुत ज्यादा खतरा होता है, इन्हीं लोगों को सचेत करने के लिए इस दिन का आयोजन किया जाता है। बीमारी के प्रति जागरूक किया जाता था। ...