Kannauj: कैसे बनता है इत्र? जानें कैसे करें अच्छे और बुरे इत्र की पहचान

Kannauj: कैसे बनता है इत्र? जानें कैसे करें अच्छे और बुरे इत्र की पहचान

Kannaujउत्तर प्रदेश के कन्नौज में सैकड़ों दाग भभका फैक्ट्रियां हैं। इनमें से अधिकतर फैक्ट्रियों में बड़े पैमाने पर इत्र बनाया जाता है। इत्र बनाने के लिए कई प्रकार के सुगंधित फूलों की आवश्यकता होती है। ये फूल अलग-अलग शहरों से मंगाए जाते हैं। उदाहरण के लिए, गुलाब, गेंदा, बेला या चमेली जैसे फूलों की आवश्यकता होती है। आइये जानते हैं फूलों से इत्र बनाने की विधि क्या है?

कन्नौज के इत्र व्यापारी श्री बिहारी परफ्यूमर्स के मालिक यश मिश्रा ने बताया कि इत्र बनाने की पूरी प्रक्रिया क्या है। उन्होंने बताया कि फूलों से इत्र तैयार करने के लिए सबसे पहले फूलों की पत्तियों को तोड़कर तांबे की बनी कढ़ाई में डाल दिया जाता है, इसके बाद इसमें थोड़ा सा पानी और बेस ऑयल मिलाकर कढ़ाई को मिट्टी से बंद कर दिया जाता है और फिर कढ़ाई को बंद कर दिया जाता है। मिट्टी से सील किया हुआ। भाप के बर्तन में रखी फूलों की पंखुड़ियों को तवे के नीचे आग जलाकर बेस ऑयल में पकाया जाता है।

पंखुड़ियाँ पकने के बाद इसमें से खुशबू या तेल निकाला जाता है। पके हुए तेल को एक बर्तन में एकत्र किया जाता है, जिसे भभक कहते हैं। फिर इस तेल को अलग-अलग बर्तनों में छान लिया जाता है। छने हुए तेल को ही इत्र कहते हैं। यह सारी प्रक्रिया आसवन विधि या आसवन प्रक्रिया के आधार पर की जाती है। प्रोसेसिंग के बाद परफ्यूम को पैक किया जाता है।

मिट्टी से भी बनाया जाता है इत्र

उन्होंने आगे बताया कि कन्नौज की मिट्टी में एक खास बात है, यहां की मिट्टी में भी खुशबू मौजूद है। आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां की मिट्टी से इत्र भी बनाया जाता है..जब बारिश की बूंदें कन्नौज की मिट्टी पर पड़ती हैं तो मिट्टी से एक खास खुशबू आने लगती है। उसी सुगंध से इत्र तैयार किया जाता है।

50 लाख रुपये तक जा सकती है इत्र की कीमत

सबसे महंगे और सस्ते परफ्यूम के सवाल पर उन्होंने कहा कि सबसे महंगा परफ्यूम ऊद अत्तार है जो 8 लाख रुपये से शुरू होकर 50 लाख रुपये तक जाता है। गुलाब, गुल मेंहदी, मिट्टी, शमामा, चमेली, जैस्मीन, कस्तूरी, बेला जैसे अन्य इत्र भी हैं, ये सभी इत्र 15 हजार रुपये से शुरू होकर 2।5 लाख रुपये प्रति किलो तक हैं। उन्होंने इस सवाल का भी जवाब दिया कि अच्छे परफ्यूम की पहचान कैसे की जाए। उन्होंने कहा कि एक अच्छा इत्र हमेशा गाढ़ा होगा और उसकी सुगंध हल्की होगी और अगर आप इत्र को अपनी जीभ पर रखेंगे तो आपको थोड़ी कड़वाहट महसूस होगी।

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