Sawan 2024 : भगवान शिव को क्यों कहा जाता है त्रिपुरारी? जानें इसकी वजह

Sawan 2024 : भगवान शिव को क्यों कहा जाता है त्रिपुरारी? जानें इसकी वजह

Sawan 2024 : सनातन धर्म में 16 सोमवार के व्रत का बहुत महत्व माना गया है। हिंदू कैलेंडर का पांचवां महीना यानी यह सावन भगवान शिव को समर्पित है। इस महीने में शिव भक्त विशेष रूप से भोलेनाथ की पूजा करते हैं और सोमवार का व्रत रखते हैं। आज सावन के दूसरे सोमवार का व्रत रखा जाएगा। ऐसे में शिव भक्त इस व्रत को पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ रखते हैं। वैसे तो भगवान शिव को कई नामों से पुकारा जाता है, लेकिन इनमें भगवान शिव को त्रिपुरारी भी कहा जाता है, जिसके पीछे का कारण बहुत महत्वपूर्ण है।

धर्म ग्रंथों के अनुसार, त्रिपुरासुर नामक शक्तिशाली राक्षस ने समाज में आतंक फैला रखा था। उस दौरान कई ऋषि-मुनियों की तपस्या भी भंग हुई थी। जिसमें ऋषि की तपस्या के कारण त्रिपुर सूर्य नामक राक्षस विघ्न उत्पन्न करता था। जिससे ऋषि मुनि काफी भयभीत हो गए।उस दौरान ऋषि-मुनियों ने कठोर तपस्या कर भगवान शिव से प्रार्थना की और भगवान शिव ने ऋषि-मुनियों की प्रार्थना स्वीकार कर त्रिपुरासुर नामक राक्षस का अंत कर दिया, जिसके बाद भगवान शंकर को त्रिपुरारी भी कहा जाने लगा।

सावन सोमवार में किस विधि से करें पूजा?

1 सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर नहा धोकर व्रत का संकल्प लें।

2 इसके बाद पूरे घर में गंगा जल छिड़कें।

3 फिर पूजा स्थान पर आकर सभी सामग्रियों को एकत्रित कर के रख लें।

4 इस दौरान उपयोग होने वाले बर्तनों को भी अपने पास साफ कर के रख लें।

5 फिर विधिपूर्वक भगवान शिव का अभिषेक करें।

6 इसके बाद उन्हें फल, पुष्प, धूप, बेलपत्र, अक्षत आदि चीजें अर्पित करते जाएं।

7 फिर भगवान शिव का नाम लेते हुए देसी घी का दीपक जलाएं।

8 इस दौरान शिव जी के मंत्रों का जाप करते रहना चाहिए, इससे सकारात्मकता का स्तर बढ़ता है। अंत में शिव जी की आरती करें।

9 फिर जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हुए महादेव का आशीर्वाद लें।

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