वक्फ बिल पर गिर जाएगी मोदी सरकार? जेडीयू ने थामी अलग राह, बड़े नेता ने दिया इस्तीफा

वक्फ बिल पर गिर जाएगी मोदी सरकार? जेडीयू ने थामी अलग राह, बड़े नेता ने दिया इस्तीफा

Waqf Bill: वक्फ संशोधन बिल 2025 पर अब केंद्र सरकार को अपने सहयोगी दल जनता दल यूनाइडेट की नाराजगी झेलनी पड़ी है। इसी कड़ी में गुरुवार, तीन अप्रैल को वक्फ बिल के समर्थन से नाराज होकर जेडीयू नेता कासिम अंसारी ने पार्टी छोड़ दी। कासिम अंसारी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया और कहा कि जेडीयू के मुस्लिम नेताओं में वक्फ संशोधन बिल 2025 से काफी नाराजगी है।
 
पहले भी हुआ विरोध
बता दें कि जनता दल यूनाइटेड के नेताओं ने इससे पहले भी वक्फ संशोधन बिल 2025 पर अपनी नाराजगी जताई थी और जेडीयू नेताओं की राय बंटी हुई नजर आ रही थी। इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी और और एमएलसी गुलाम गौस ने भी वक्फ संशोधन बिल का विरोध किया था। वक्फ बिल का विरोध करते हुए  गुलाम गौस ने कहा था कि वक्फ बिल सही नहीं है और किसान बिल की तरह इसे भी वापस लिया जाए। 
 
क्या बोले जेपी नड्डा?
राज्यसभा में गुरुवार को वक्फ संशोधन बिल 2025 पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने इस बिल की खूबियां गिनाईं तो वहीं विपक्षी राजनीतिक दलों पर जमकर निशाना साधा। जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा, 'हमारा प्रयास है कि वक्फ के काम पारदर्शिता आए और इस बिल का मूल उद्देश्य ही वक्फ की संपत्ति का रखरखाव करना है। इस बिल को लेकर जो भी भ्रम विपक्षी राजनीतिक दलों और कुछ नेताओं द्वारा फैलाया जा रहा है वो बिल्कुल गलत है। वर्ष 2013 में इस बिल को लेकर जो जेपीसी बनाई गई थी, उसमें सिर्फ 13 सदस्यों को शामिल किया गया था लेकिन मौजूदा वक्त में इस बिल को लेकर बनी जेपीसी में 31 सदस्य शामिल थे। हम संविधान से चलने वाले लोग हैं लेकिन विपक्षी नेता सिर्फ किताब ही दिखाते रते हैं। बता दें कि देशभर में इस बिल को लेकर सियासी संग्राम मचा हुआ है। 
 

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