Ganpati Sthapana Timing: शादी-विवाह हो या कोई भी शुभ कार्य काम शुरु करने से पहले भगवान श्री गणेश जी का नाम लिया जाता है, उनकी पूजा की जाती है, ताकि कार्य में किसी भी तरह का विघ्न न आए। इसलिए भगवान गणेश को विध्नहर्ता गणेश भी कहा जाता है, क्योंकि भगवान अपने सारे भक्तों के कष्ट हर लेते हैं। हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ है। इस दिन भक्त अपने घरों में गणेश जी की मूर्ति की स्थापना करते हैं, पूजा-पाठ करते है और उन्हें मोदक का भोग भी लगाते है। मूर्ति की स्थापना के बाद डेढ़ दिन से लेकर 11 दिनों के अंदर मूर्ति की विसर्जन किया जाता है। तो चलिए गणेश चतुर्थी का त्योहार किस दिन मनाया जाएगा और शुभ मुहूर्त के बारे में जानते हैं।
गणेश चतुर्थी की तारीख और मूर्ति स्थापना का शुभ मुहूर्त
गणेश चतुर्थी का त्योहार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस तिथि की शुरूआत सुबह लगभग 7:06 बजे शुरू होगी और 15 सितंबर सुबह करीब 7:44 बजे समाप्त होगी। ऐसा कहा जाता है कि भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था। इसलिए इस दौरान बप्पा की मूर्ति स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 से दोपहर 01:31 बजे तक रहेगा। जबकि मूर्ति का विसर्जन 25 सितंबर 2026 अनंत चतुर्दशी पर होगा। हालांकि, कई लोग मूर्ति स्थापना के डेढ़ दिन में भी विसर्जन कर देते हैं, जबकि कुछ लोग तीसरे, पांचवें या सातवें दिन भी विसर्जन करते हैं।
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गणेश चतुर्थी की पूजा विधि
- सबसे पहले ब्रह्मा मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें।
- इसके बाद पूजा स्थल साफ करें और गंगाजल से शुद्ध करें।
- फिर एक चौकी रखें और उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं।
- फिर अक्षत से आसन बनाकर गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें।
- इसके बाद कलश स्थापना करें और उसमें आम के पत्ते, सिक्का, अक्षत और सुपारी डालें और कलश पर मौली बांधकर उसके ऊपर नारियल रखें।
- इसके बाद गणेश जी की मूर्ति और कलश पर गंगाजल छिड़कें, तिलक लगाएं और फूल-अक्षत, दूर्वा, भोग अर्पित करें।
- इसके बाद घी का दीपक जलाएं और आरती करें।
- इस दौरान गणेश मंत्रों का जाप जरूर करें।
गणेश मंत्रों का जाप
ॐ गं गणपतये नमः।
ॐ गं गणपतये सर्व कार्य सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा।
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
गणेश जी को लगाए इन चीजों का भोग
भगवान गणेश जी को सबसे ज्यादा मोदक पसंद हैं, इसलिए गणेश चतुर्थी के दिन उन्हें मोदक का भोग लगाया जाता है। इसके अलावा बेसन, नारियल और तिल-गुड़ के लड्डू, सूजी का हलवा, खीर, फल और पंचामृत का भी भोग लगाया जाता है।