
Navratri 2023:शारदीय नवरात्रि का आज तीसरा व्रत है। 15 अक्टूबर से शुरू हुए यह महापर्व पूरे 9 दिन चलने वाला है। 23 तारीख को इसका समापन हो जाएगा। लेकिन इस पर्व की धूम पूरे भारत में देखने को मिल रही है। इस पर्व में मां दुर्गा को खुश करने के लोग अलग-अलग उपाए करते है लेकिन आज हम आपको एक ऐसे पाठ के बारे में बताने जा रहे है जिसके करने से मां प्रसन्न हो जाएंगा।
नवरात्रि पर करें राम रक्षा स्त्रोत का पाठ
दरअसल नवरात्रि को मां दुर्गा के अलग-अलग पाठ किए जाते है जिसमें से एक है राम रक्षा स्त्रोत का पाठ। कहा जाता है कि नवरात्रि में मां को खुश करने के लि राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। इस पाठ और इसका हवन करने से मां बेहद प्रसन्न होती है साथ ही भक्त पर किसी भी बड़ी मुश्किलें क्यों आई हो। वह दूर हो जाती है। इतना ही नहीं नवरात्रि में इस पाठ का बेहद महत्व है। इससे दुखों से छूटकारा मिलता है।
हिंदू धर्म में है नवरात्रि की काफी मान्यता
हिंदू धर्म में नवरात्रि पर्व का बहुत महत्व है। नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा को समर्पित है। दुर्गा को शक्ति का रूप माना गया है। नवरात्रि का पर्व वर्ष में दो बार मनाया जाता है। एक चैत्र मास में और दूसरा शरद मास में,चैत्र मास में मनाई जाने वाले नवरात्री को चैत्र नवरात्री और शरद मास में मनाई जाने वाली नवरात्री को शारदीय नवरात्री कहा जाता है। इस पर्व में मां दुर्गा के अलग अलग 9 रूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्रि की की पूजा अर्चना की जाती है। इसकी धार्मिक मान्यता भी अधिक है
श्री राम रक्षा स्त्रोत का पाठ
विनियोग: अस्य श्रीरामरक्षास्त्रोतमन्त्रस्य बुधकौशिक ऋषिः ।श्री सीतारामचंद्रो देवता। अनुष्टुप छंदः। सीता शक्तिः ।श्रीमान हनुमान कीलकम ।श्री सीतारामचंद्रप्रीत्यर्थे रामरक्षास्त्रोतजपे विनियोगः।
अथ ध्यानम्: ध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्धपदमासनस्थं,पीतं वासो वसानं नवकमल दल स्पर्धिनेत्रम् प्रसन्नम।वामांकारूढ़ सीता मुखकमलमिलल्लोचनम्नी,रदाभम् नानालंकारदीप्तं दधतमुरुजटामण्डलम् रामचंद्रम ॥
राम रक्षा स्तोत्रम्: चरितं रघुनाथस्य शतकोटि प्रविस्तरम्। एकैकमक्षरं पुंसां
महापातकनाशनम् ॥1॥
ध्यात्वा नीलोत्पलश्यामं रामं राजीवलोचनम् ।जानकीलक्ष्मणोपेतं
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