
Ramadan 2024: मुस्लिम धर्म में रमजान का महीना बेहद पाक माना जाता है। इस साल 12 मार्च से रमजान का महीना शुरू हुआ। रमजान में इस्लाम धर्म के लोग रोजा रखते हैं। जिसमें वो लोग सुबह सूर्योदय से पहले सहरी के समय और सूरज ढलने के बाद शाम को इफ़्तार में कुछ भी खाते या पीते हैं।
इफ़्तार के वक्त भी सबसे पहले खजूर खाने का नियम है। यानी खजूर खाकर अपना रोजा खोलते हैं। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, रमजान में खजूर खाकर रोजा खोलने को सुन्नत माना जाता है।मान्यता है कि पैगंबर हजरत मोहम्मद का खजूर पसंदीदा था। इसके साथ ही वे खजूर खाकर ही रोजा खोलते थे।खजूर से रोजा तोड़ने का सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि सेहत के लिए खास महत्व है।
इंस्टेंट एनर्जी करती है प्रदान
खजूर में प्राकृतिक मिठास होती है, जो दिन भर के उपवास के बाद त्वरित ऊर्जा यानी इंस्टेंट एनर्जी प्रदान करने में मदद करती है।
पोषक तत्वों का पावरहाउस
खजूर में फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम और विटामिन समेत आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होते है। ये पोषक तत्व लंबे समय तक उपवास के बाद ऊर्जा के स्तर को फिर से भरने और शरीर को पोषण देने में मुख्य भूमिका निभाते हैं।
हाइड्रेशन बनाए रखने में मददगार
खजूर में पानी की भी मात्रा ज्यादा होती है, जो दिनभर पानी न पीने के बाद शरीर में हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद करती है। ऐसे में भी इसका सेवन फायदेमंद हो सकता है।
पाचन को देता है बढ़ावा
खजूर का सेवन पाचन को बढ़ावा देने में मदद करता है, जिससे दिनभर भूखा रहने के बाद में आपको गैस और एसिडिटी की परेशानी नहीं होती है। इसके साथ ही खजूर में डाइटरी फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने में मदद करती हैं।
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