Bonus For Railway Workers:रेलवे कर्मचारियों के दिवाली बोनस को लेकर इस साल बड़ी बहस छिड़ी है। रेल यूनियनें लंबे समय से बोनस की गणना के लिए निर्धारित वेतन सीमा बढ़ाने की मांग कर रही हैं। इसी मुद्दे पर राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर रेलवे कर्मचारियों के बोनस की गणना में बदलाव करने की अपील की थी। कर्मचारियों की मांग है कि बोनस की गणना 7,000 रुपये की पुरानी वेतन सीमा के बजाय 18,000 रुपये के आधार पर की जाए। इस बदलाव से 78 दिनों के बोनस की गणना करीब 46,159 रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि, यह यूनियनों की मांग के आधार पर निकाली गई राशि है, मंजूर बोनस नहीं।
रेलवे के पात्र गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को हर साल 78 दिनों के वेतन के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) दिया जाता है। लेकिन बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन सीमा 2013-14 से 7,000 रुपये निर्धारित है। इसी सीमा के आधार पर 78 दिनों का बोनस 17,951 रुपये बनता है। रेल यूनियनों का कहना है कि मौजूदा वेतन संरचना और महंगाई को देखते हुए इस सीमा में बदलाव होना चाहिए। उनका तर्क है कि जब कर्मचारियों का वेतन बढ़ चुका है, तो बोनस की गणना में पुरानी सीमा लागू रखना उचित नहीं है।
सांसद ने रेल मंत्री से की बोनस सीमा बढ़ाने की अपील
रेलवे बोनस के मुद्दे पर राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने रेल मंत्री को लिखे पत्र में बोनस की गणना की सीमा और भुगतान के दिनों में संशोधन करने का आग्रह किया। उन्होंने श्रमिक संगठनों की मांग का हवाला देते हुए गणना के लिए मासिक वेतन सीमा कम से कम 28,440 रुपये करने की अपील की। वहीं, इंडियन रेलवे एम्प्लॉइज फेडरेशन सहित अन्य कर्मचारी संगठनों का कहना है कि 18,000 रुपये की बेसिक सैलरी को आधार बनाकर गणना करने पर 78 दिनों का बोनस करीब 46,159 रुपये हो सकता है। कर्मचारियों की मांग है कि सरकार बोनस व्यवस्था की समीक्षा कर उन्हें बढ़ती महंगाई के अनुरूप राहत दे।
सरकार ने 17,951 रुपये के बोनस को दी मंजूरी
इस बीच, केंद्र सरकार ने 14 अक्टूबर 2026 को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पात्र रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस देने की मंजूरी दे दी। इस फैसले के तहत करीब 11.40 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा और प्रति पात्र कर्मचारी अधिकतम बोनस राशि 17,951 रुपये निर्धारित की गई है। इसके लिए सरकार ने 2,009.61 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। ऐसे में 46,159 रुपये की राशि फिलहाल कर्मचारी संगठनों की मांग के आधार पर की गई गणना है, न कि सरकार की ओर से घोषित बोनस। अब देखना होगा कि बोनस की गणना की सीमा बढ़ाने की मांग पर सरकार आगे क्या फैसला लेती है।
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