नई दिल्ली: देश में पेपर लीक मामलों पर पीएम मोदी के ट्वीट पर राहुल गांधी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम देश के शिक्षा तंत्र की "तबाही" और सरकार की नाकामी को छिपाने की कोशिश है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि युवाओं का भविष्य लगातार पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित हो रहा है और केवल घोषणाएं करने के बजाय सरकार को जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट को ट्वीट करते हुए राहुल गांधी ने पीएम मोदी के बयान तीखी प्रतिक्रिया दी। साथ ही उन्होंने सरकार से तीन मांग की। उन्होंने लिखा आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया - और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।
छात्रों की मांगें साफ़ हैं:
1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं।
2. छात्रों से माफ़ी मांगे।
3. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।
आपको बता दें कि पेपर लीक मामलों में पीएम मोदी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं की भलाई और भविष्य से ज़्यादा जरूरी कुछ नहीं है! हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्दी और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है। संबंधित अधिकारियों और अधिकारियों को इस बारे में सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है। यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हमारे कदमों का सिलसिला जारी है। जो लोग हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।