
Punjab Panchayat Elections 2024: पंजाब पंचायत चुनावों पर रोक लगाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को निर्णय सुनाते हुए इसे अस्वीकार कर दिया। अदालत ने कहा कि अगर मतदान के दिन चुनावों पर रोक लगाई गई, तो इससे 'अराजकता' उत्पन्न होगी।
मंगलवार सुबह 8 बजे पंजाब में पंचायत चुनावों के लिए मतदान शुरू हुआ। इस दौरान कुछ याचिकाओं का उल्लेख मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने किया गया, जिसमें न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे।
सीजेआई का स्पष्ट बयान
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने टिप्पणी की है कि जब मतदान शुरू हो चुका है, तो इस स्तर पर हस्तक्षेप करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, "यदि मतदान आज शुरू हो गया है, तो हम कैसे हस्तक्षेप कर सकते हैं?" सीजेआई ने इस बात पर जोर दिया कि अगर मतदान के दिन रोक लगाई गई, तो इससे अराजकता का माहौल उत्पन्न होगा।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के उस फैसले की सुनवाई के लिए सहमति दी, जिसने पंचायत चुनावों की अनुमति दी थी। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि उच्च न्यायालय ने बिना पूरी सुनवाई के लगभग 1,000 याचिकाओं का निपटारा कर दिया।
चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने की अनिच्छा
सीजेआई ने कहा, "आप हमेशा चुनाव के नतीजों को चुनौती दे सकते हैं। लेकिन मतदान शुरू हो चुका है। मान लीजिए कि हम अभी रोकते हैं, तो अराजकता हो जाएगी।" उन्होंने यह भी कहा कि चुनावों के आयोजन पर रोक लगाना एक गंभीर मामला है।
वकील ने बताया कि पहले उच्च न्यायालय की एक अवकाश पीठ ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाई थी, लेकिन बाद में एक अन्य नियमित पीठ ने रोक हटा दी। इस पर सीजेआई ने कहा कि यह असामान्य लोकतंत्र है, जहां चुनावों को महत्व दिया जाता है।
हाईकोर्ट का निर्णय
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने हाल ही में नामांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आधार पर पंचायत चुनाव रद्द करने की मांग करने वाली लगभग 1,000 याचिकाओं को खारिज कर दिया। अदालत ने चुनाव की वीडियोग्राफी कराने का आदेश दिया और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी पार्टी का प्रतीक चुनावों में उपयोग नहीं किया जाएगा।
विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उनके उम्मीदवारों के नामांकन मनमाने ढंग से रद्द किए।
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