Haryana News: हरियाणा सरकार अब लोगों को आधार कार्ड की तर्ज पर परिवार पहचान पत्र (PPP) स्मार्ट कार्ड देने की तैयारी कर रही है। इस स्मार्ट कार्ड के जरिए क्यूआर आधारित त्वरित प्रमाणीकरण संभव होगा, जिससे सरकारी सेवाओं में सत्यापन प्रक्रिया पहले से अधिक तेज और आसान हो जाएगी।
विभिन्न विभागों में केवल टैप या स्कैन के माध्यम से ही पहचान सत्यापित की जा सकेगी और कागजी दस्तावेजों या मैनुअल रिकॉर्ड खोजने की आवश्यकता नहीं रहेगी। सरकार का दावा है कि इस कार्ड में आवश्यक पहचान संबंधी डेटा सुरक्षित रहेगा, जिससे धोखाधड़ी की आशंका भी कम होगी।
नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) अब PPP 2.0 तैयार करने में जुटा है। यह नया प्लेटफॉर्म मौजूदा PPP सिस्टम के उन्नत संस्करण के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत एक उपयोगकर्ता-अनुकूल मोबाइल एप्लीकेशन भी उपलब्ध करवाई जाएगी, जिसके माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच डेटा का सुगम आदान-प्रदान हो सकेगा।
सरकार का मानना है कि एकल पहचान प्रणाली लागू होने से डुप्लीकेसी समाप्त होगी और पात्र नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक तेजी और पारदर्शिता से पहुंचाया जा सकेगा।
जे गणेशन ने बताया कि जून 2020 में शुरू की गई परिवार पहचान पत्र योजना के तहत प्रदेश के परिवारों का एक विश्वसनीय डिजिटल डेटाबेस तैयार किया गया है। इसके आधार पर अब तक 2 करोड़ 36 लाख से अधिक प्रमाणपत्र और सरकारी सेवाएं नागरिकों को घर बैठे उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं। PPP के अंतर्गत प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट परिवार पहचान संख्या प्रदान की जाती है, जिसके आधार पर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाता है।
PPP डेटाबेस के आधार पर अब तक लगभग 37 लाख आय प्रमाण पत्र, 21 लाख पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र, 23 lakh अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र, 8.5 लाख अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र, 39.76 लाख राशन कार्ड तथा 82 लाख आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
इसके अलावा लाखों लोगों को विभिन्न सामाजिक योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। इनमें वृद्धावस्था सम्मान पेंशन, विधवा पेंशन, लाडो लक्ष्मी योजना, दिव्यांग पेंशन, विवाह शगुन योजना और आपकी बेटी हमारी बेटी योजना जैसी योजनाएं शामिल हैं।
PPP प्लेटफॉर्म पर प्रदेश के सभी 23 जिलों के 77 लाख 41 हजार 912 परिवारों के कुल 2 करोड़ 98 लाख 47 हजार 359 सदस्यों का पंजीकरण किया जा चुका है। वर्तमान में 50 से अधिक सरकारी विभाग इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं और 400 से अधिक योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ इसी डेटाबेस के आधार पर पात्र नागरिकों तक पहुंचाया जा रहा है।
यह व्यवस्था जन्म, मृत्यु और विवाह रिकॉर्ड से लिंक होने के कारण डेटा को स्वतः अपडेट करने में भी सक्षम है, जिससे लोगों को बार-बार दस्तावेज अपडेट कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।