Journey Towards Developed India: “दुनिया की 5 वीं सबसे बड़ी आर्थिक ताकत” PM मोदी ने समझाया बजट का इंटेंट

Journey Towards Developed India: “दुनिया की 5 वीं सबसे बड़ी आर्थिक ताकत” PM मोदी ने समझाया बजट का इंटेंट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्नी टूवार्ड्स विकसित भारत को संबोधित किया। जहां उन्होंने कहा कि, "आज भारत 8% की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। आज भारत दुनिया की 5 वीं सबसे बड़ी आर्थिक ताकत है और वो दिन दूर नहीं तब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा।" वहीं प्रधानंत्री कार्यालय के बयान के मुताबिक, इंडस्ट्री, सरकार,डिप्लोमेटिक कम्युनिटी और थिंक टैंकों सहित अन्य सेक्टरों से 1000 से ज्यादा पार्टिसिपेंट्स कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए है। इसके साथ ही कई लोग देश और विदेश के CIIसेंटर्स से जुड़े हैं।

इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "2013-2014 में जब पिछली सरकार का आखिरी बजट आया था, वो ₹16 लाख करोड़ का था। आज हमारी सरकार में बजट तीन गुना बढ़कर ₹48 लाख करोड़ पहुंच गया है।पहली की सरकार के 10 साल की तुलना में हमारी सरकार ने रेलवे का बजट 8 गुना बढ़ाया है, हाइवे का बजट 8 गुना, कृषि का बजट 4 गुना से अधिक बढ़ाया है रक्षा का बजट 2 गुना बढ़ाया है।"

UPA सरकार की शुरूआत हुई-पीएम नरेंद्र मोदी

आगे पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, " 2004में UPA सरकार की शुरूआत हुई और UPA सरकार के पहले बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर करीब 90हजार करोड़ रुपए था।  10साल सरकार चलाने के बाद यानी 2014में UPA सरकार कैपिटल एक्सपेंडिचर का बजट 2लाख करोड़ रुपये पहुंचा पाई थी। आज कैपिटल एक्सपेंडिचर का बजट 11लाख करोड़ रुपये ये भी ज्यादा है।"

इसेक साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "2014 में 1 करोड़ रुपये कमाने वाली MSME को अनुमानित कर देना होता है और अब 3 करोड़ लाभ वाली MSME भी इसका लाभ उठा सकती हैं। 2014 में, 50 करोड़ कमाने वाली MSME को 30 प्रतिशत कर देना होता था, आज ये रेट 22 प्रतिशत है।  2014 में कंपनियां 30 प्रतिशत निगम कर देती थीं, आज 400 करोड़ रुपये तक की आय वाली कंपनियों के लिए ये रेट 25 प्रतिशत है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ' आज जब सारे देश कम वृद्धि और उच्च मुद्रास्फीति से जूझ रहे हैं, तो ऐसी परिस्थिति में उच्च विकास और कम मुद्रास्फीति वाला भारत इकलौता देश है। भारत ने ये विकास तब हासिल करके दिखाई है, जब पिछले 10 साल में अ​र्थव्यवस्था को झटका देने वाले अनेक संकट आए। हमने हर संकट का मुकाबला किया, हर चुनौती का समाधान किया।  अगर ये संकट न आते तो आज भारत जहां पहुंचा है, उससे अधिक ऊंचाई पर होता।

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