PM Modi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन किया। साथ ही उन्होंने इस कार्यक्रम को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि "1993 में वडोदरा में मेरी गुरुदेव से हुई मेरी मुलाकात, उनका स्नेह, उनके साथ हुई बातचीत, उनका आशीर्वाद आज सबकुछ फिर से आंखों के सामने आ गया। एक पल के लिए ऐसा लगा जैसे मैं फिर से गुरुदेव के साक्षात सानिध्य में आ गया।
पीएम मोदी ने कहा कि "हमारा ज्ञान और बोध अमर है। इसी बोध के कारण भारत भी हजारों वर्षों से अमर बना हुआ है। क्योंकि भारत शब्द का अर्थ ही है जो ज्ञान और प्रकाश के अनुसंधान में लगा हो। जब देश की आजादी के 75 वर्ष का अवसर आया तब मेरे मन में विचार आया था कि हमें इस अवसर को भारत का प्रेरणा मंच तो बनाना ही है, हमें भारत के स्वरुप को भी जीवंत करना है जो अमृत विचारों को जीना जानता है।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि बीते दशकों में समय बदला है, देश के सामने नई चुनौतियों पैदा हुई हैं, समाज में नई विकृतियां आई हैं। आज उनके समाधान का दायित्व हम सबके ऊपर है। आज हमें बांटने वाली ताकतों के खिलाफ समाज को एकजुट करना है। हमें आत्मनिर्भरता के लिए देशवासियों को जागरूक करना है। 2047 में विकसित भारत के संकल्प से जन-जन को जोड़ना है। इन उद्देश्यों के लिए हमें और सक्रिय होना है।
पीएम मोदी ने कहा कि 2047 में भारत जब अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा, उसी कालखंड में चिन्मय मिशन भी अपनी शताब्दी का वर्ष मनाएगा यानी चिन्मय मिशन की शताब्दी यात्रा और विकसित भारत की यात्रा एक साथ आगे बढ़ेगी। इसलिए हमारे लक्ष्य भी एक हैं, उद्देश्य भी एक है और हमें इस यात्रा को एकसाथ आगे बढ़ाना है।