रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण...क्यों हल्द्वानी बन रहा है अगला शाहीन बाग?

हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर हैं। दरअसल, हाई कोर्ट ने एक फरमान जारी किया है, जिसको लेकर लोग सरकार का विरोध कर रहे हैं। मामला रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण को लेकर है। हाई कोर्ट ने हाल ही में रेलवे की जमीन पर बसी कॉलोनी को हटाने का आदेश हुआ है। अगर इस आदेश पर अमल हुआ तो 4365 घर, 8 से 10 मस्जिद, 2 मंदिर, दो सरकारी इंटर कॉलेज और तकरीबन आधा दर्जन प्राइवेट स्कूलों को हटा दिया जाएगा। हाई कोर्ट के फरमान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई है।
दरअसल, हाई कोर्ट ने रेलवे की 29 एकड़ जमीन पर मौजूद अतिक्रमण को हटाने का आदेश जारी किया तो लोग सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर उतर आए। इस विरोध प्रदर्शन में सबसे अधिक मुस्लिम महिलाएं शामिल है। उन्होंने अपने हाथों में बैनर-पोस्टर और तख्तियां ले रखी हैं और सरकार पर भेदभाव जैसे आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही उनका कहना है, अगर हमें हटाया जाता है तो हमें कहीं और बसाया जाए।
बनभूलपुरा बना दूसरा शाहीन बाग
कोर्ट का आदेश आते ही हजारों की संख्या में महिला और पुरुष सड़क पर हैं। इसमें सबसे अधिक अल्पसंख्यक आबादी है। शाहीन बाग की तरह महिलाएं और बच्चे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं और पूछ रहे हैं कि हमारे साथ ही क्यों? महिलाओं ओर बच्चों की अगुवाई वाले इस प्रदर्शन के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए तो लोगों ने इसकी तुलना दिल्ली के शाहीन बाग में CAA और NRC के खिलाफ हुए प्रदर्शन से कर दी।
क्या है मामला?
50 हजार की आबादी वाले हल्द्वानी के बनभूलपुरा में इंदिरा नगर और गफ्फूर बस्ती का इलाका आता है। ये इलाका जिस 29 एकड़ जमीन पर बसे उसपर रेलवे ने अपना दावा किया है। उनका कहना है कि ये जमीन उनकी है, जिसपर कब्ज़ा किया गया। रेलवे के इस दावे पर हाई कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने का फैसला सुनाया है।
29 एकड़ की जमीन को लेकर कोर्ट में लम्बे वक्त से लड़ाई लड़ी जा रही है। एक तरफ दावा किया जा रहा है कि करीब 29 एकड़ की यह जमीन नजूल की है, लेकिन रेलवे का कहना है कि यह जमीन उनकी है। नजूल भूमि पर अवैध कब्जाधारियों को फ्री होल्ड लीज अधिकार देने के लिए उत्तराखंड सरकार 2021 में नजूल नीति लाई थी, लेकिन कोर्ट में मामला चलने के कारण इस नीति का फायदा बनभूलपुरा के लोगों को नहीं मिला सका।
हाई कोर्ट ने क्या दिया आदेश?
बनभूलपुरा इलाके में अतिक्रमण के खिलाफ रविशंकर जोशी द्वारा दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट का फैसला आया। इस फैसले में हाई कोर्ट ने रेलवे को आदेश दिया कि रेलवे की जमीन पर कब्जाधारियों को एक सप्ताह का नोटिस देकर अतिक्रमण हटाओ, जिला प्रशासन के साथ समन्वय में काम करें, और यदि आवश्यक हो तो किसी अन्य अर्धसैनिक बलों की मदद लें।
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