Operation Sindoor: आतंकियों का सरगना पाकिस्तान दुनियाभर में भेजेगा डेलिगेशन, बिलावल भुट्टो करेंगे अगुवाई

Operation Sindoor: पाकिस्तान ने भारत के द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का जवाब देने के लिए एक नया कदम उठाया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का पक्ष रखने के लिए एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी है। यह कदम भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को वैश्विक स्तर पर उजागर करने के लिए सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों की घोषणा के तुरंत बाद हुआ है।
बिलावल भुट्टो का अहम जिम्मेदारी
शनिवार को शहबाज शरीफ ने बिलावल भुट्टो से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर उन्हें यह भूमिका निभाने का आग्रह किया। बिलावल ने एक पोस्ट में इस बात को साफ करते हुए कहा, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मुझसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति के लिए पाकिस्तान का पक्ष रखने के लिए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का अनुरोध किया। मैं इस जिम्मेदारी को स्वीकार करता हूं और चुनौतीपूर्ण समय में अपने देश की सेवा के लिए हाजिकर हूं। इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री खुर्रम दस्तगीर खान, हिना रब्बानी खार और पूर्व विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।
क्या भारत के मिलेगा करारा जवाब
भारत ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और (पीओके) के आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी, जिसके बाद उसने वैश्विक समुदाय के सामने अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए सांसदों की एक विशेष टीम गठित की। इस टीम में शशि थरूर, रविशंकर प्रसाद, गुलाम नबी आजाद और असदुद्दीन ओवैसी जैसे दिग्गज नेता शामिल हैं, जो उत्तरी अमेरिका, यूरोप और पश्चिम एशिया में भारत का पक्ष रखेंगे। पाकिस्तान का यह कदम भारत की इस सक्रिय कूटनीति को संतुलित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
पाकिस्तान की रणनीति
जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान इस प्रतिनिधिमंडल के जरिए वैश्विक मंचों पर अपनी छवि सुधारने और भारत के आतंकवाद-विरोधी अभियान को कमजोर करने की कोशिश करेगा। लेकिन, भारत के संगठित और बहुपक्षीय प्रयासों की तुलना में पाकिस्तान की इस पहल की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत केवल आतंकवाद और पीओके के मुद्दों पर ही संभव है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में कहा- “जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि भी स्थगित रहेगी।”
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