
Old Vehicles Policy: दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार एक सख्त कदम उठाने जा रही है। दरअसल, 01 जुलाई से दिल्ली में 15 साल से पुरानी पेट्रोल गाड़ियों और 10 साल से पुरानी डीजल गाड़ियों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन देने से मना कर दिया जाएगा। इस नीति को लागू करने के लिए सभी पेट्रोल पंप पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे स्थापित किए जा रहे हैं। ये कैमरे गाड़ियों की उम्र और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) की स्थिति की जांच करेंगे। बता दें, यह कदम राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने के साथ दिल्ली की हवा को साफ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
वायु प्रदूषण बना गंभीर चुनौती
मालूम हो कि दिल्ली में वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या है। जिसमें वाहनों से होने वाला उत्सर्जन 42% तक योगदान देता है। ऐसे में पुराने वाहन, खासकर जिनकी उम्र निर्धारित सीमा (पेट्रोल के लिए 15 साल, डीजल के लिए 10 साल) से अधिक हो चुकी है। जो सामान्य वाहनों की तुलना में कई गुना अधिक प्रदूषण फैलाते हैं। एक रिपोर्ट की मानें तो दिल्ली में लगभग 61 लाख से ज्यादा ऐसी 'एंड-ऑफ-लाइफ' (EOL) गाड़िया हैं। जो समय सीमा पूरी होने के बावजूद सड़कों पर चल रहे हैं।
अब नहीं बचेगी एक भी गाड़ी
इस समस्या को कम करने के लिए दिल्ली के लगभग 400 पेट्रोल पंपों और 160CNG स्टेशनों पर ANPR कैमरे लगाए जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो कैमरे लगाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब सोचने वाली बात यह है कि ये कैमरे काम कैसे करेंगे। दरअसल, ये कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट को स्कैन कर 'वाहन' डेटाबेस से जोड़कर उनकी उम्र और PUC स्थिति की तत्काल जांच करने में सक्षम है। यानी अगर कोई वाहन निर्धारित उम्र सीमा से अधिक पुराना है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देगा और पेट्रोल पंप कर्मचारियों को पेट्रोल देने से रोक दिया जाएगा।
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने अप्रैल 2025 में निर्देश जारी किए थे कि दिल्ली में 1 जुलाई से EOL वाहनों को ईंधन देना बंद कर दिया जाए। लेकिन यह नीति दिल्ली तक सीमित नहीं है। CAQM ने निर्देश दिया है कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, और सोनीपत में 1 नवंबर 2025 से यह नियम लागू होगा। इन जिलों में अक्टूबर 2025 तक ANPR कैमरे स्थापित हो जाएंगे।
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