Business News: क्या सच में भारत के पास हो रही पेट्रोल-डीजल की कमी? HPCL और BPCL ने दी जानकारी

Business News: क्या सच में भारत के पास हो रही पेट्रोल-डीजल की कमी? HPCL और BPCL ने दी जानकारी

Business News: सरकारी सूत्रों ने पुष्टि की है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कोई कटौती या राशनिंग करने की योजना नहीं है। देश में ईंधन की पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और मांग पूरी करने में कोई कमी नहीं आने वाली है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL) ने “फोर्स मैजोर” लागू करने की तैयारी की है, ताकि प्राथमिक क्षेत्रों को गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। फोर्स मैजोर एक कानूनी प्रावधान है, जिसे तब लागू किया जाता है जब अनपेक्षित परिस्थितियां किसी पार्टी को अपने अनुबंध को पूरा करने से रोकती हैं। इससे दंड और अनुबंध उल्लंघन के दावों से सुरक्षा मिलती है।

ये कदम कतर एनर्जी के फोर्स मैजोर की घोषणा के बाद आया है। कतर विश्व की LNG की 20 प्रतिशत आपूर्ति करता है और भारत के लिए महत्वपूर्ण साझेदार है। भारत कुल 195 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन गैस का आयात करता है, जिसमें से 60 mmscmd कतर से आता है।

भारत इन देशों से खरीद रही गैस

सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत ऑस्ट्रेलिया और कनाडा से गैस खरीदने की संभावनाओं पर भी विचार कर रहा है। इसके अलावा, भारत प्रमुख तेल उत्पादकों और ट्रेडर्स के साथ कच्चा तेल और LPG खरीदने के लिए बातचीत कर रहा है। सरकार IEA, OPEC और अमेरिका के साथ भी ऊर्जा सुरक्षा और शिपिंग इंश्योरेंस पर चर्चा कर रही है।

भारत ने हाल ही में यूएई और अमेरिका के साथ नए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि ऊर्जा स्रोतों को विविध बनाया जा सके। देश अपनी ऊर्जा स्थिति की समीक्षा दिन में दो बार कर रहा है और वर्तमान स्थिति को “सुव्यवस्थित और सुरक्षित” बताया गया है।

भारत में वर्तमान स्टॉक-

कच्चा तेल: लगभग 25 दिनों का स्टॉक

पेट्रोल और डीजल: लगभग 25 दिनों का स्टॉक

कुल पेट्रोलियम उत्पाद और कच्चा तेल: लगभग 8 हफ्तों का कवरेज

वैश्विक ऊर्जा बाजार पर कड़ी नजर

भारत के कुल कच्चे तेल का केवल 40 प्रतिशत Hormuz जलसंधि से गुजरता है, जबकि बाकी 60 प्रतिशत अन्य स्रोतों से आता है। रूस से भी पुराने अनुबंध के अनुसार तेल आयात जारी है। सरकारी सूत्रों ने कहा कि भारत LPG और LNG की आपूर्ति में भी सुरक्षित स्थिति में है और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि देश को निरंतर ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। 

Leave a comment