51 साल पहले भारत ने रचा परमाणु इतिहास, शांति से शक्ति तक का सफर रहा बेहद खास

51 साल पहले भारत ने रचा परमाणु इतिहास, शांति से शक्ति तक का सफर रहा बेहद खास

India Nuclear History: 08मई 1974में राजस्थान के पोखरण में भारत ने अपने पहले परमाणु परीक्षण 'स्माइलिंग बुद्धा' को अंजाम दिया था। इस परीक्षण के साथ भारत ने विश्व मंच पर छठे परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज की। आज 51साल बाद, भारत ने परमाणु शक्ति के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। जो न केवल हथियारों तक सीमित है, बल्कि ऊर्जा उत्पादन और रणनीतिक संतुलन में भी योगदान दे रही है। 

परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र की शुरुआत

मालूम हो कि 1974में पोखरण में किया गया परमाणु परीक्षण भारत के लिए एक मील का पत्थर था। इस परीक्षण का उद्देश्य शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा का उपयोग था। स्माइलिंग बुद्धा 8से 12किलोटन टीएनटी की शक्ति वाला विस्फोट पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित था। जिसने भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों (अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन) के बाद परमाणु क्षमता वाला पहला गैर-पश्चिमी राष्ट्र बनाया। 

भारत बना परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र

इसके बाद साल 1998में पोखरण में दूसरा परीक्षण किया गया, जिसे ऑपरेशन शक्ति" नाम दिया। इस परीक्षण ने भारत को आधिकारिक रूप से परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। 11और 13मई 1998को पांच भूमिगत परीक्षणों की श्रृंखला में एक 45किलोटन थर्मोन्यूक्लियर डिवाइस सहित विभिन्न उपकरणों का परीक्षण किया गया। इन परीक्षणों ने भारत की उन्नत परमाणु तकनीक और रणनीतिक क्षमता को प्रदर्शित किया।

भारत के परमाणु हथियारों में वृद्धि

पिछले 51वर्षों में भारत ने अपने परमाणु शस्त्रागार को लगातार मजबूत किया है। 1998में जहां भारत के पास केवल कुछ परमाणु हथियार थे। वहीं, हाल ही कीएर रिपोर्ट की मानें तो भारत के पास अब लगभग 180परमाणु हथियार हैं। साल 2000के बाद से भारत ने अपने परमाणु हथियारों की संख्या में 92%की वृद्धि की है। जो औसतन प्रति वर्ष 7नए हथियार जोड़ने के बराबर है।

इसके अलावा भारत ने बैलिस्टिक मिसाइलों की क्षमता को भी बढ़ाया है। जिसमें अग्नि श्रृंखला की मिसाइलें शामिल हैं, जो 5,000किलोमीटर से अधिक की दूरी तक लक्ष्य भेद सकती हैं। इसके साथ ही, परमाणु पनडुब्बियों जैसे आईएनएस अरिहंत और आईएनएस चक्र ने भारत की समुद्री परमाणु ताकत को बढ़ाया है।

परमाणु ऊर्जा में भी भारत सबसे आगे

वर्तमान में भारत के पास 25परमाणु रिएक्टर हैं। जो 8,880मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ देश की कुल बिजली उत्पादन का लगभग 3%हिस्सा प्रदान करते हैं। इसके अलावा 11और रिएक्टर निर्माणाधीन हैं, जिनकी संयुक्त क्षमता 8,700मेगावाट है।

अब अगर भारत के लक्ष्य की बात करें तो भारत साल 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100,000 मेगावाट तक बढ़ाएगा। जिससे शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकें।

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