INDIA Bloc Meeting: इंडिया अलायंस के नेताओं ने बीते दिन 09 अक्टूबर 2026 शुक्रवार शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और कथित 'वोट चोरी' को लेकर चार मांगों वाला एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को समाप्त करने और चुनावों के लिए मतपत्र प्रणाली को बहाल करने की भी मांग की। वहीं, इस मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इंडिया ब्लॉक के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि वे 'वोट चोरी' के आरोपों की गहन जांच करेंगी और उचित कार्रवाई तय करने से पहले संबंधित लोगों और पार्टियों से परामर्श करेंगी। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति ने 'वोट चोरी' की कथित घटनाओं के संबंध में सबूत मांगे हैं।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद खड़गे का बयान
X पर एक पोस्ट में, खड़गे ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ विपक्ष के विरोध की जानकारी दी गई और भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के कामकाज पर चिंता व्यक्त की गई। खड़गे ने लिखा 'हमारी इंडिया पार्टियों के नेताओं ने माननीय राष्ट्रपति से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा। हम विशेष रूप से राष्ट्रपति जी को वोट चोरी के खिलाफ चार दिन पहले शुरू किए गए आंदोलन से अवगत कराने गए थे और हमने अपना पक्ष पूरी तरह से प्रस्तुत किया।' उन्होंने आगे लिखा 'हमने वोट चोरी के मुद्दे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा की गई गंभीर गलती को उजागर किया। हमने मांग की कि ईवीएम को रद्द किया जाए और मतपत्रों के माध्यम से चुनाव कराए जाएं।'
खड़गे ने आगे कहा कि राष्ट्रपति ने कथित 'वोट चोरी' की घटनाओं के संबंध में सबूत मांगे हैं और विपक्ष अन्य प्रासंगिक जानकारी के साथ सबूत प्रस्तुत करेगा। उन्होंने आगे कहा 'उन्होंने वोट चोरी की घटनाओं के संबंध में सबूत मांगे हैं; हम उन्हें प्रस्तुत करेंगे। हम अन्य सभी प्रासंगिक जानकारी भी प्रदान करेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमने इस तथ्य पर ध्यान दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह देश के लोकतंत्र को नष्ट करने पर तुले हुए हैं और इस दिशा में सक्रिय रूप से कदम उठा रहे हैं।' खर्गे ने आगे लिखा 'उन्होंने ध्यान से सुना और कहा कि वह मामले की पूरी तरह से जांच करेंगी, संबंधित लोगों/पार्टियों से परामर्श करेंगी और उचित कार्रवाई तय करेंगी।'
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने क्या कहा?
बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा कि बैठक के दौरान राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया से उन्हें गहरा सदमा लगा। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति ने विपक्ष के 'वोट चोरी' के दावों का खंडन नहीं किया, बल्कि प्रतिनिधिमंडल से सबूत पेश करने को कहा। X पर एक पोस्ट में गांधी ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञापन सौंपा था जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा भारत की चुनावी प्रणाली के कथित उल्लंघन का ब्यौरा दिया गया था और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। राहुल गांधी ने लिखा 'अभी-अभी भारत की राष्ट्रपति के साथ मेरी एक अविश्वसनीय बैठक हुई। हमने उन्हें अपना ज्ञापन सौंपा जिसमें प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा भारत की चुनावी प्रणाली के घोर उल्लंघन का ब्यौरा दिया गया था और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी।'
कांग्रेस नेता ने आगे कहा 'मुझे आश्चर्य हुआ कि राष्ट्रपति ने वोट चोरी का खंडन नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने हमसे सबूत लाने को कहा। हम उन्हें सबूतों का अंबार लगा देंगे। इंडिया ब्लॉक खुशी-खुशी उनके सामने हर सबूत पेश करेगा। हम उनके इस आश्वासन का स्वागत करते हैं कि वह मामले की जांच करेंगी और कार्रवाई करेंगी।' हालांकि, सूत्रों ने राहुल गांधी के दावों को "गलत" बताया और राष्ट्रपति को इस विवाद में घसीटे जाने पर चिंता व्यक्त की। सूत्रों ने कहा 'विपक्ष के नेता द्वारा किए जा रहे दावे गलत हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राष्ट्रपति को इस मामले में घसीटा जा रहा है।'
इंडिया अलायंस के ज्ञापन में किन मांगों को शामिल किया?
ज्ञापन में चार मांगें सूचीबद्ध करते हुए कहा गया है -
1. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और 2023 के उस कानून को निरस्त करना जो मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोगों को आजीवन प्रतिरक्षा प्रदान करता है।
2. SIR को तत्काल निलंबित करना और मतदाता सूची से अवैध रूप से हटाए गए सभी 13.30 करोड़ मतदाताओं को तत्काल बहाल करना।
3. सभी चुनावों के लिए कागजी मतपत्र प्रणाली को बहाल किया जाए।
4. पिछले दो वर्षों में हुए उन सभी विधानसभा चुनावों को रद्द करना जिनमें वोट चोरी के पुख्ता सबूत पेश किए गए हैं।
इस बीच, आज (10 अक्टूबर) को जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में कई छात्र संगठनों और राजनीतिक समूहों के शामिल होने की संभावना है। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर नियोजित विरोध प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगने वाले आवेदन को कम समय, पूर्व में नियमों का पालन न करने और मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए खारिज कर दिया।
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