जेब ढीली होगी! सिगरेट महंगी, पान मसाला भी नहीं बचा... लोकसभा में पास हुआ सेंट्रल एक्साइज बिल

जेब ढीली होगी! सिगरेट महंगी, पान मसाला भी नहीं बचा... लोकसभा में पास हुआ सेंट्रल एक्साइज बिल

Excise Amendment Bill 2025:तंबाकू उत्पादों पर कर की संरचना में बड़ा बदलाव आ रहा है। लोकसभा ने 03 दिसंबर को सेंट्रल एक्साइज (संशोधन) बिल 2025 को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत सिगरेट, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पादों की कीमत बढ़ जाएगी। यह बिल GST मुआवजा उपकर की समाप्ति के बाद इन उत्पादों पर कर लगाने का प्रावधान करता है, जो उपभोक्ताओं के लिए इनकी कीमतों में वृद्धि का कारण बनेगा।

बिल की मुख्य विशेषताएं

बता दें, यह विधेयक तंबाकू और संबंधित उत्पादों पर उत्पाद शुल्क को संशोधित करने का उद्देश्य रखता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में इस बिल को पेश किया और पारित कराया। बिल के अनुसार, GST मुआवजा उपकर की अवधि समाप्त होने के बाद इन उत्पादों पर नया उत्पाद शुल्क लागू होगा, जो केंद्र और राज्यों के बीच राजस्व साझा करने की व्यवस्था को मजबूत करेगा।

इस बिल के तहत सिगरेट, पान मसाला, गुटखा और अन्य तंबाकू आधारित उत्पादों पर शुल्क लागू होगा। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस शुल्क से प्राप्त राजस्व राज्यों के साथ साझा किया जाएगा, जिससे राज्य सरकारों को अतिरिक्त आय होगी। यह कदम 'सिन गुड्स' (पाप उत्पादों) पर कर बढ़ाकर स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने और राजस्व बढ़ाने का प्रयास है।

कीमतों पर असर

इस बिल से सिगरेट और पान मसाला की खुदरा कीमतों में 10-20% तक की वृद्धि हो सकती है, हालांकि सटीक आंकड़े उत्पाद के प्रकार पर निर्भर करेंगे। GST परिषद की सिफारिशों के आधार पर यह बदलाव लागू होगा, जो 2026 से प्रभावी हो सकता है।

  1. लंबाई के आधार पर सिगरेट/सिगार/चुरूट प्रति 1000 स्टिक पर 5,000-11,000 रुपये की ड्यूटी
  2. चबाने वाला तंबाकू ड्यूटी दोगुनी से भी ज्यादा।
  3. कच्चे तंबाकू पर 6070 प्रतिशत उत्पाद शुल्क।
  4. हुक्का तंबाकू पर 40% तक शुल्क।
  5. सिगार, जर्दा, पान मसाला आदि पर भी नई ड्यूटी।  

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