
Azam Khan: समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आज़म ख़ान की 23 महीने लंबी जेल यात्रा अब समाप्त होने जा रही है। यूपी की सीतापुर जेल में बंद आज़म ख़ान को 72 मुकदमों में रिहाई के आदेश मिल चुके हैं और अब उनकी रिहाई महज औपचारिकता भर रह गई है। सोमवार शाम एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने लूट, डकैती और धोखाधड़ी से जुड़े 19 मामलों में भी रिहाई परवाने जारी किए, जिसके बाद वे सभी मामलों में बाहर आने के योग्य हो गए। इससे पहले ‘क्वालिटी बार प्रकरण’ सहित 53 मामलों में रिहाई की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।
बॉन्ड में गलती बनी देरी की वजह
हालांकि, रिहाई की प्रक्रिया में उस वक्त बाधा आ गई जब रिहाई बॉन्ड में गलत पता भर दिया गया। प्रशासन ने तुरंत करेक्शन की प्रक्रिया शुरू की और अब सही विवरण के साथ बॉन्ड भरने के बाद उन्हें रिहा किया जाएगा। जेल के बाहर भारी संख्या में सपा समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी है, जो अपने नेता की एक झलक पाने को बेसब्र हैं। समर्थकों ने आज़म की रिहाई को "जनता की जीत" बताया है और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत करने की तैयारी कर रहे हैं।
क्वालिटी बार केस बना था बड़ा मुद्दा
आजम खान की कानूनी मुश्किलों की शुरुआत 2019 में हुई, जब रामपुर के ‘क्वालिटी बार’ प्रकरण में एफआईआर दर्ज हुई। आरोप था कि मंत्री रहते हुए उन्होंने पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम के नाम पर सरकारी जमीन हस्तांतरित कराई। 2024 में उन्हें इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया और मई 2025 में एमपी-एमएलए कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज हो गई थी। हालांकि, सितंबर 2025 में इलाहाबाद हाई कोर्ट से उन्हें जमानत मिली, जिससे सभी मामलों में राहत का रास्ता खुल गया।
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