हीटवेव के कहर से हुई थी 700 मौतों...लेकिन अब भी राज्यों ने नहीं तोड़ी चुप्पी, SC ने केंद्र से मांगा जवाब

हीटवेव के कहर से हुई थी 700 मौतों...लेकिन अब भी राज्यों ने नहीं तोड़ी चुप्पी, SC ने केंद्र से मांगा जवाब

Supreme Court: भारत में हीटवेव हर साल एक गंभीर चुनौती बनकर उभर रही है। जिस वजह से कई लोगों को अपनी जिंदगी गवानी पड़ती है। एक रिपोर्ट की मानें तो साल 2024में हीटवेव की वजह से 700से ज्यादा लोगों की मौत हुई। लेकिन इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। कोर्ट ने पाया कि कई राज्यों ने राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के तहत हीटवेव प्रबंधन के लिए कार्य योजना (हीट एक्शन प्लान) लागू करने में ढिलाई कर रहे है।

ऐसे में 21मई को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर इस मामले में जवाब मांगा है। जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा 2019में जारी हीटवेव प्रबंधन दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू किया जाए। यह नोटिस पर्यावरण कार्यकर्ता विक्रांत तोंगड़ की जनहित याचिका (PIL) के जवाब में जारी किया गया, जिसमें हीटवेव से निपटने के लिए बेहतर पूर्वानुमान, चेतावनी प्रणाली और हेल्पलाइन की मांग की गई है।

हीटवेव याचिका पर क्या बोला सुप्रीम कोर्ट?

दरअसल, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में विक्रांत तोंगड़ ने हीटवेव को लेकर एक याचिका दायर की थी। जिसमें कहा गया है कि हीटवेव के कारण होने वाली मौतें और स्वास्थ्य समस्याएं जलवायु परिवर्तन से जुड़ी हैं। ऐसे में ये संकट अब और बढ़ गया है। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और 21 (जीवन का अधिकार) के तहत नागरिकों को गर्मी और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से मुक्त जीवन सुनिश्चित करने की मांग की गई है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि NDMA के 2019के दिशा-निर्देशों के बावजूद, कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों ने हीट एक्शन प्लान लागू नहीं किए हैं।

वहीं, अब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और जस्टिस अगस्टाइन जॉर्ज मसीह की पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए गृह मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय, और NDMA से जवाब मांगा है। बता दें, याचिका में मांग की गई है कि सरकारें हीटवेव से निपटने के लिए 24घंटे चलने वाली हेल्पलाइन का यूज करें। इसके अलावा हीटस्ट्रोक पीड़ितों के लिए मुआवजा का प्रबंध किया जाए।

हीटवेव का असर

बता दें, हीटवेव का असर सिर्फ उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत तक ही नहीं, बल्कि अब पूर्वी तट, पूर्वोत्तर, दक्षिणी और दक्षिण-मध्य क्षेत्रों में भी दिखने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024में देश के 17राज्यों में करीब 733लोगों की मौत और 40,000से ज्यादा हीटस्ट्रोक के मामले दर्ज किए गए। बीते साल दिल्ली सहित कई शहरों में तापमान 45डिग्री सेल्सियस पार हो गया था।

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