Haryana Differently-Abled Employees: हरियाणा सरकार ने सभी दिव्यांग कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु को लेकर बड़ा बदलाव किया है। सरकार के नए फैसले के तहत सरकारी विभागों, बोर्ड-निगमों जैसे संस्थाओं में कार्यरत उन सभी दिव्यांग कर्मचारियों, जिनकी आयु 58 वर्ष से ज्यादा हो चुकी है, उन्हें सेवामुक्त किया जा रहा है। यानी अब इन कर्मचारियों को सामान्य कर्मचारियों की ही 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होना पड़ेगा। ये फैसले वित्त विभाग ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों को आधार बनाते हुए लिया गया है। इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों और संस्थाओं को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
Also read: Haryana Weather : हरियाणा में इस दिन होगी मानसून की शुरुआत, देखें मौसम विभाग का ताजा अपडेट
क्यों लिया गया ये फैसला?
सरकार ने कहा कि हरियाणा राज्य सहकारी शीर्ष बैंक लिमिटेड चंडीगढ़ बनाम ओम प्रकाश राणा मामलों को आघार मानते हुए सुप्रीम कोर्ट और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन किया गया है। 14 अक्टूबर 2025 को दिए गए आदेश में कोर्ट ने कहा था कि जिन मामलों में व्यक्ति सेवानिवृत्ति आयु प्राप्त कर चुका है, उसे सेवा में बने रहने के लिए कोई कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं है और न ही कोई नया आदेश पारित नहीं किया जाना चाहिए।
ऐसा करने से दिव्यांग कर्मचारियों और समान परिस्थितियों वाले कर्मचारियों के बीच भेदभाव की भावना बढ़ सकती हैं। इसके अलावा ये सार्वजनिक नीति और कानून के सिद्धांतों के खिलाफ हैं। बता दें, कोर्ट के आदेश के तहत हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) संशोधन नियम, 2026 के तहत Rule 143 में संशोधन किया गया है। इससे पहले दिव्यांग कर्मचारियों के लिए 60 वर्ष की आयु तक सेवा जारी रखने का प्रावधान था।
वित्त विभाग ने दिए आदेश
वित्त विभाग ने संबंधित संस्थाओं और विभाग अध्यक्षों को पत्र लिखकर स्पष्ट तौर पर निर्देश दिए है कि 58 वर्ष पूरे कर चुके दिव्यांग कर्मचारियों की सेवाएं तुरंत समाप्त की जाएंगी। इसके लिए उन्हें एक ऐसी सूची तैयार करने के लिए कहा गया है कि जिसमें उन सभी कर्मचारियों का लेखा-जोखा होगा, जो उनकी आयु का प्रमाण देते है। वित्त विभाग ने साफ तौर पर कहा कि आयु सीमा 58 वर्ष से ज्यादा नहीं बढ़ाई जाएगी।