
Delhi Air Pollution: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार दसवें दिन हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है, जहां कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच गया है। यह स्थिति न केवल निवासियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रही है, बल्कि शहर की दैनिक गतिविधियों को भी प्रभावित कर रही है। मौजूदा डेटा के अनुसार, पीएम2.5 और पीएम10 जैसे प्रमुख प्रदूषक इस समस्या की मुख्य वजह बने हुए हैं।
वर्तमान AQI स्तर
ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली का औसत AQI 435 तक पहुंच गया है, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है। कुछ इलाकों में यह आंकड़ा और भी ऊंचा है, जैसे लोनी, गाजियाबाद में पीएम10 का स्तर 610 दर्ज किया गया, जबकि पीएम2.5 472 तक पहुंचा। अन्य प्रमुख क्षेत्रों में आनंद विहार, जहांगीरपुरी और पंजाबी बाग जैसे जगहों पर AQI 400 से ज्यादा मापा गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के नवीनतम बुलेटिन के मुताबिक, 22 नवंबर को दिल्ली का AQI 370 था, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में था, लेकिन अगले दिन इसमें और वृद्धि हुई। नवंबर महीने में प्रदूषण के स्तर में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है।
इस स्तर का प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। AQI 300 से ऊपर होने पर हवा 'खतरनाक' मानी जाती है, जो सभी लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य प्रभाव पैदा कर सकती है। सांस की बीमारियां, आंखों में जलन, थकान और दिल संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली की हवा में सांस लेना 11 सिगरेट पीने के बराबर हो सकता है, खासकर 21 नवंबर जैसी स्थितियों में जहां AQI 450 से ऊपर था। इस वजह से बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि बाहर निकलने से बचें, मास्क पहनें और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
दिल्ली में GRAP-3 लागू
बता दें, प्रदूषण से निपटने के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-3) को और सख्त कर दिया है। इसमें निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध, डीजल वाहनों की एंट्री रोकना और स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं शामिल हैं। CPCB और अन्य एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय के समाधान जैसे हरित ऊर्जा को बढ़ावा और क्षेत्रीय सहयोग की जरूरत है। निवासियों को सलाह है कि वे प्रदूषण कम करने में योगदान दें, जैसे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग और कचरा न जलाना।
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