दिल्ली की हवा पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी , कहा - बच्चों की जान खतरे में...

दिल्ली की हवा पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी , कहा - बच्चों की जान खतरे में...

SC On Delhi Air Pollution:  दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण ने एक बार फिर देश की राजधानी को संकट में डाल दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में इस मुद्दे पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रदूषित हवा में बच्चों को बाहर खेलकूद कराना उन्हें गैस चैंबर में डालने के समान है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब क्षेत्र में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, जिससे जन स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। 

SC की सख्त टिप्पणी और निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने 19नवंबर 2025को सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार और संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। कोर्ट ने कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) को निर्देश दिया कि स्कूलों में स्पोर्ट्स एक्टिविटीज को प्रदूषित महीनों में शिफ्ट किया जाए या पोस्टपोन किया जाए, ताकि बच्चों की सेहत को जोखिम न हो। कोर्ट ने कहा कि प्रदूषित हवा में बच्चों को बाहर भेजना 'गैस चैंबर' में डालने जैसा है, जो उनकी सेहत के लिए घातक साबित हो सकता है।

इससे पहले 17नवंबर को कोर्ट ने साल भर के लिए निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाने की मांग को खारिज कर दिया, क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था और रोजगार प्रभावित होंगे। कोर्ट ने जोर दिया कि 'परमानेंट GRAP' कोई समाधान नहीं है, बल्कि लंबे समय के लिए नीतियां बनानी होंगी जो लोगों की आजीविका को ध्यान में रखें। कोर्ट ने स्थिति को 'बहुत गंभीर' बताते हुए तत्काल कदम उठाने के आदेश दिए। साथ ही, स्टबल बर्निंग पर सुनवाई जारी रखते हुए पड़ोसी राज्यों से रिपोर्ट मांगी गई है।

प्रदूषण की वर्तमान स्थिति

बता दें, दिल्ली-NCR में नवंबर के महीने में ठंड बढ़ने के साथ ही प्रदूषण का स्तर अक्सर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच जाता है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में AQI 450 से ऊपर दर्ज किया गया है, जो स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सांस की बीमारियां, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ावा देता है। मुख्य कारणों में स्टबल बर्निंग (पराली जलाना), वाहनों का उत्सर्जन, निर्माण कार्य और औद्योगिक गतिविधियां शामिल हैं। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत तीसरा चरण लागू किया गया हैं।

Leave a comment