
नई दिल्ली: कोरोना के बाद कई वायरसों ने देश-दुनिया को घेरना शुरू कर दिया है। कोरोना के बाद टेमैटो फिर मंकीपॉक्स ओर अब एक नया वायरस नोरोवायरस। हालांकि इस नए वायरसों को ज्यादा खतरनाक नहीं बताया जा रहा है। लेकिन एक-दूसरे के सपंर्क में आने से ये ज्यादा लोगों में फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस सभी वायरस के लक्षण और बचाव के बारे में बता दिया जाता है। वहीं एक बात सोचने की है कि ये जो नए-नए वायरस है इसके नाम कौन रखता है। आपके मन में कभी ने कभी तो ये सवाल उठा होगा कि इस वायरस के नाम कौन रखते है तो आज हम आपको इसी के सवाल के सवाब देंगे।
दरअसल किसी भी वायरस की पहचान, लक्षण, बचाव और ये वायरस कितना खतरनाक है इसकी जानकारी डब्ल्यूएचओ द्वारा दी जाती है। और इन वायरसों को नाम विषाणुओं के वर्गीकरण पर अंतर्राष्ट्रीय समिति (ICTV)द्वारा दिया जाती है। वहीं इसके लक्षण, बचाव , इन वायरसों के लिए गाइडलाइन डब्ल्यूएचओ देता है।
क्या है डब्ल्यूएचओ
डब्ल्यूएचओ यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन विश्व के देशों के स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर आपसी सहयोग एवं मानव को स्वास्थ्य सम्बन्धी समझ विकसित कराने की एक संस्था है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के 194 सदस्य देश तथा दो संबद्ध सदस्य हैं। यह संयुक्त राष्ट्र संघ की एक अनुषांगिक इकाई है। इस संस्था की स्थापना 7 अप्रैल 1948 को की गयी थी। इसका उद्देश्य संसार के लोगो के स्वास्थ्य का स्तर ऊँचा करना है। डब्ल्यूएचओ का मुख्यालय स्विट्ज़रलैण्ड के जिनेवा शहर में स्थित है। भारत भी विश्व स्वास्थ्य संगठन का एक सदस्य देश है और इसका भारतीय मुख्यालय भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित है।
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