“मुसलमान कुर्बानी देने को तैयार है”, वक्फ संशोधन विधेयक पर AIMLPB ने सरकार को दी चेतावनी

“मुसलमान कुर्बानी देने को तैयार है”, वक्फ संशोधन विधेयक पर AIMLPB ने सरकार को दी चेतावनी

AIMLPB Protest Of Waqf Bill: केंद्र सरकार बजट सत्र के दौरान ही संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने वाली है। इसको लेकर जहां विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल रखा है तो वहीं सोमवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के लोगों ने जतंर मंतर पर धरना प्रदर्शन किया। AIMPLB ने केंद्र सरकार से इस कानून को वापस लेने की मांग की है। इस प्रदर्शन में  AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी शामिल हुए। हालांकि, केंद्र सरकार इस कानून को वापस लेने के मूड में नहीं है। माना जा रहा है कि सरकार इसी सत्र में इस विधेयक को पेश करके पास करवाना चाहती है।

AIMPLB के उपाध्यक्ष उबैदुल्ला आज़मी ने क्या कहा?

AIMPLB के उपाध्यक्ष उबैदुल्ला आज़मी ने प्रदर्शन को लेकर कहा,"हमारे सभी मज़हबी मामलों की हिफाज़त की जिम्मेदारी का भारत संविधान देता है। जैसे हमारे लिए नमाज और रोज़ा जरूरी है वैसे ही हमारे लिए वक़्फ़ की हिफाज़त भी जरूरी है। सरकार को चाहिए था कि वह वक़्फ़ की जमीन को खुर्द बुर्द करने वालों के खिलाफ एक्शन लेती। लेकिन सरकार ने के लिए ही वक़्फ़ पर कब्ज़ा करने के लिए ही क़ानून बना दिया। भारत को हमने ताबेदारी की बुनियाद पर कबूल नहीं किया बल्कि वफ़ादारी की बुनियाद पर किया। हिन्दुस्तान किसी के बाप की जागीर नहीं है। हमने हमेशा के लिए कुर्बानी दी है। अगर इस बिल को अभी वापस नहीं लिया जाता है तो ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के नेतृत्व में पूरे देश के मुसलमान हर वह कुर्बानी देने को तैयार है जो देश उससे मांगेगा। मतदान मतलब वोट की खैरात, हमारी खैरात से पीएम बनो, गृहमंत्री बनेंगे औऱ हमें ही परेशान करोगे, ये सहा नहीं जायेगा। वहीं, CPIML सांसद राजा राम सिंह AIMPLB के मंच से बोले- "सरकार लोगों के अधिकार छीन रही है। उसकी भाषा छीन रहे, पहनावा छीन रही है।"

जगदंबिका पाल ने क्या कहा?

वक्फ जेपीसी के अध्यक्ष और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल नेAIMPLBके प्रदर्शन को लेकर कहा, "यह एक राजनीतिक विरोध है। अभी तक एक्ट भी पेश नहीं हुआ है। हमने सिर्फ़ 428 पन्नों की रिपोर्ट पेश की है। संशोधन बिल लाया गया है। बिल पास होने के बाद ही उन्हें कुछ कहना चाहिए। किस आधार पर AIMPLB, जमीयत उलेमा-ए-हिंद, AIMIM या विपक्ष के नेता जंतर-मंतर पर इकट्ठे हुए हैं? DM को अधिकार नहीं दिए जा रहे हैं। अगर वक़्फ़ की संपत्ति को लेकर कोई विवाद होगा, तो DM से ऊपर का कोई अधिकारी, जैसे राज्य सचिव या कमिश्नर, उसे देखेगा। एक्ट में सुधार किया जा रहा है। वे देश को गुमराह कर रहे हैं। अगर कोई वक़्फ़ की ज़मीन बेच रहा है, तो वह वक़्फ़ के लोग ही हैं। संशोधन वक़्फ़ की ज़मीन की बिक्री पर रोक लगाएगा और इससे ग़रीबों को फ़ायदा होगा।"

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