
Prithivi Shaw: एक वक्त था तब पृथ्वी शॉ की तुलना सचिन तेंदुलकर से की जाता थी। उन्हें भारतीय क्रिकेट का दूसरा सचिन तेंदुलकर कहा जाने लगा था। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ पदार्पण मैच में ही शतक जड़ दिया था। साथ ही उन्हें 2020-21में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी चुना गया था।
हालांकि, अब सफलता का गुरूर कहें या अनुशासहीनता धीरे-धीरे पृथ्वी शॉ का फॉर्म ही गायब हो गया। पहले वह आईपीएल में अनसोल्ड रहे। उसके बाद उन्हें विजय हजारे ट्रॉफी के लिए मुंबई की टीम से भी बाहर कर दिया गया है। जिसके बाद मुंबई क्रिकेट संघ ने उनको लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है।
क्या कहा मुंबई क्रिकेट संघ ने?
मुंबई क्रिकेट संघ ने कहा कि वह लगातार अनुशासन तोड़ता रहा। संघ ने कहा कि फिटनेस न होने के कारण कई गेंद शॉ के पास से निकल जाती थी, उन्हें कैमरे से छिपाना पड़ता था। बल्लेबाजी के दौरान भी उसे गेंद तक पहुंचने में दिक्कत होती थी। संघ ने कहा की टीम के सीनियर खिलाड़ी भी उनके रवैये की शिकायत करने लगे थे। मुंबई क्रिकेट संघ ने कहा कि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी अभ्यास सत्र के दौरान गायब रहते थे और सुबह 6बजे होटल आते थे। अधिकारी ने कहा कि शॉ के सोशल मीडिया पोस्ट से कुछ होने वाला नहीं है। वह मैदान के बाहर रहकर अपनी प्रतिभा से न्याय नहीं कर रहे हैं।
पृथ्वी शॉ ने शेयर किया था इंस्टा स्टोरी
विजय हजारे ट्रॉफी के लिए टीम में न चुने जाने के बाद पृथ्वी शॉ ने भावुक इंस्टा स्टोरी शेयर की थी। जिसमें उन्होंने लिखा था कि अब टीम में चुनने के लिए क्या करना पड़ेगा। टेल मी गॉड मुझे और क्या देखना बाकी है। क्या 64 पारियों में 55.7 की औसत और 126 के स्ट्राइक रेट से 3399 रन बनाना काफी नहीं है? लेकिन मैं आप पर भरोसा बनाए रखूंगा और उम्मीद करता हूं कि लोग अभी भी मुझ पर भरोसा करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं जरूर वापसी करूंगा।
पृथ्वी शॉ का अंतरराष्ट्रीय करियर
बता दें कि पृथ्वी शॉ ने अभी तक भारत की तरफ से पांच टेस्ट, छह वनडे और एक टी20मैच खेले हैं। टेस्ट मैच में उन्होंने 339 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक भी शामिल है। इसके अलावा उन्होंने वनडे में 189रन बनाए हैं। साथ ही टी20 में उनके एक भी रन नहीं है। बता दें कि साल 2018में उन्होंने राजकोट में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था।
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