गणेश जोशी ने शुक्रवार को अचानक उपनल मुख्यालय पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। खास बात यह रही कि मंत्री गणेश जोशी दुपहिया इलेक्ट्रिक वाहन से कार्यालय पहुंचे। उन्हें अचानक अपने बीच देखकर अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। पूरे कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। देहरादून में हुए इस निरीक्षण के दौरान मंत्री ने मुख्यालय के अलग-अलग विभागों का दौरा किया। उन्होंने कर्मचारियों की उपस्थिति, कामकाज की व्यवस्था और कार्यालय संचालन की स्थिति का जायजा लिया। साथ ही अधिकारियों से विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।
ईंधन बचत पर दिया जोर
निरीक्षण के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और ईंधन बचत की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि उपनल मुख्यालय के 50 प्रतिशत काम “वर्क फ्रॉम होम” व्यवस्था के तहत किए जाएं। इसके अलावा उन्होंने सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” मनाने के निर्देश भी दिए। मंत्री ने कहा कि हर शनिवार को अधिक से अधिक काम ऑनलाइन माध्यम से किए जाएं, ताकि ईंधन की बचत हो सके और पर्यावरण को भी फायदा मिले। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अनावश्यक रूप से वाहन इस्तेमाल कम करने की अपील की।
इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहन की सराहना की
गणेश जोशी ने इलेक्ट्रिक वाहनों को भविष्य के लिए जरूरी बताते हुए कहा कि डिजिटल और ऑनलाइन कार्यप्रणाली अपनाने से समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऊर्जा संरक्षण बेहद जरूरी है और इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। मंत्री ने उपनल मुख्यालय में डाक और अन्य कार्यों के लिए इस्तेमाल हो रहे इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल दूसरे सरकारी विभागों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकती है।
अधिकारियों को दिए ये निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कार्यालय व्यवस्था और डिजिटल कामकाज को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने साफ कहा कि आने वाले समय में ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण सरकार की प्राथमिकता होगी। मंत्री के अचानक निरीक्षण और सख्त निर्देशों के बाद कर्मचारियों और अधिकारियों में काफी चर्चा रही। कई कर्मचारियों ने इसे कामकाज में सुधार और आधुनिक व्यवस्था की दिशा में अच्छा कदम बताया।
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