अमेरिका में मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक, शशि थरूर करेंगे पाकिस्तान के आतंकवाद का पर्दाफाश

अमेरिका में मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक, शशि थरूर करेंगे पाकिस्तान के आतंकवाद का पर्दाफाश

Shashi Tharoor Expose Pakistan In America: भारत-पाकिस्तान के बीच हाल के तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के बाद मोदी सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। सरकार ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर को वैश्विक मंच पर पाकिस्तान और आतंकवाद को बेनकाब करने की जिम्मेदारी सौंपी है। थरूर के नेतृत्व में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका समेत कई देशों में भारत का पक्ष मजबूती से रखेगा। सरकार का यह कदम भारत की कूटनीतिक रणनीति को दर्शाता है। साथ ही, विपक्षी नेताओं को राष्ट्रीय हित के लिए एकजुट करने की सरकार के इरादों को भी उजागर करता है।

शशि थरूर को मिली बड़ी जिम्मेदारी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर को वैश्विक मंच पर पाकिस्तान और आतंकवाद को बेनकाब करने के लिए चुना गया है। खासकर, अमेरिका में थरूर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के आतंकवाद-प्रायोजित गतिविधियों को उजागर करेगा। ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भारत का पक्ष और मजबूत हो सकें। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि शशि थरूर को ही क्यों चुना गया? दरअसल, थरूर पूर्व राजनयिक और संयुक्त राष्ट्र में वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं। वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने प्रभावी संवाद के लिए जाने जाते हैं। साथ ही, वह संसद की विदेश मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष भी हैं।

मोदी सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है, जब उनकी अपनी कांग्रेस पार्टी ऑपरेशन सिंदूर को लेकर दिए गए बयानों पर नाराजगी जताई थी। जबकि थरूर ने ऑपरेशन की तारीफ करते हुए इसे सटीक, सुनियोजित और आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी” करार दिया था। उन्होंने कहा था कि यह अभियान आतंकियों को कड़ा संदेश देता है कि भारत अब आतंकी हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा।

सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का गठन

मोदी सरकार ने इस मिशन के लिए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। जिसमें विभिन्न दलों के सांसदों को शामिल किया गया है। इस मिशन में कांग्रेस के चार सांसद शशि थरूर, मनीष तिवारी, सलमान खुरशीद और अमर सिंह शामिल होंगे। इनके अलावा तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंद्योपाध्याय, जदयू के संजय झा, बीजद के सस्मित पात्रा, एनसीपी-एसपी की सुप्रिया सुले, डीएमके की के. कनिमोझी, सीपीआई-एम के जॉन ब्रिटास और AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं को इस मिशन में शामिल किया जाएगा।

एक रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रतिनिधिमंडल अगले 10 दिनों में विभिन्न देशों का दौरा करेगा। जिसमें अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और अन्य प्रमुख देश शामिल हैं।

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