
नई दिल्ली: शरीर को स्वस्थ रहने के लिए भोजन बहुत आवश्यक है। दिन में कम से कम तीन बार तो शरीर के लिए खाना जरूरी है। हालांकि खाने के अलावा शरीर में ओर भी प्रोटीन और विटामिन की पूर्ति करनी आवश्यक है जो दूध, फल, सब्जियों से मिला है। लेकिन भोजन हमारे शरीर को एनर्जी देने में महत्वपूर्ण भुमिका निभाता है, लेकिन ज्यादातर लोगों को खाना खाने के तुंरत बाद नींद आने लग जाती है जिसे हम कई बार आलस भी कहते है। क्या आपने कभी इसके बारे में सोचा है कि खाना खाने के तुंरत बाद हमें नींद क्यों आती है और आलस क्यों आता है? तो चलिए आज हम आपके इसी के बारे में बताएंगे।
दरअसल भोजन के द्वारा सीधा पाचन तंत्र में पहुंचता है जहां आपका भोजन ग्लूकोज यानी एनर्जी के रूप में बदल जाता है। एनर्जी के रूप में बदलने की प्रक्रिया के बीच पेट भरा हुआ महसूस कराने वाले हार्मोन जैसे कोलेलिस्टोकिनिन, ग्लूकाजन और एमाइलिन रिलीज होते हैं। ये हार्मोन दिमाग में झपकी का सिग्ननल देते हैं, जिससे व्यक्ति को आलस आता है और सोने का मन करता है। वहीं हाई प्रोटीन वाले फूड जैसे हाई पनीर, पालक, टोफू, सोया, अंडे आदि में ट्रिप्टोफैन अमीनो एसिड पाया जाता है। फूड में ट्रिप्टोफैन जितना ज्यादा होगा, शरीर में नींद को रेग्युलेट करने वाला सेरोटोनिन का लेवल बढ़ेगा। सेरोटोनिन का स्तर बढ़ने से नींद आना आम बात है।
इसके अलावा कहा जाता है कि दोपहर के खाना खाने के बाद नींद आना कुछ गंभीर बीमारियों का संकेत देता है। बता दें कि दोपहर में खाना खाने के बाद आसल आना और नींद आना डायबिटीज, फूड एलर्जी, स्लीप एप्निया, एनिमिया, थायराइड जैसी बीमारियों का सकेंत देती है। जिसके लिए डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। वहीं दोपहर में खाना खाने के बाद अक्सर नींद आती है, उसका कारण आपका भारी खाना हो सकता है। द
रअसल अग्न्याशय ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए इंसुलिन का प्रोडक्शन करता है। भोजन जितना भारी होगा, इंसुलिन का उत्पादन उतना ही अधिक होगा, जिससे ब्लड शुगर लेवल में वृद्धि होगी। इस वृद्धि के कारण हमारा शरीर स्लीप हार्मोन का उत्पादन करता है, जो हमारे मस्तिष्क में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन में परिवर्तित हो जाता है, जिससे नींद आने लगती है।
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