
CORONA VIRUS: कोरोना के मामले तेजी के साथ बढ़ रहे है। लगातार तीसरे तीन कोरोना के 6 हजार के पार केस सामने आए है। वहीं मौत के आंकड़ों में भी इजाफा देखने को मिल रहा है। ऐसे में कई राज्यों ने मास्क पहनने अनिवार्य कर दिए है। इन बीच एक रिपोस्ट सामने आई है जिसमें कहा जा रहा है कि कोरोना के आने के बाद भआरत में कई बीमारियो का खतरा ज्यादा बढ़ गया है। तो चलिए आज हम आपको इन बीमारियों के बारे में बताते है।
क्रॉनिक डिसीस बीमारी
क्रोनिक रोग एक बीमारी होती है जो लंबे समय तक चलती है और अक्सर दीर्घकालिक संबंधित समस्याओं का कारण बनती है। इन रोगों के लक्षण आमतौर पर धीमे होते हैं और अक्सर समय से पहले नहीं पता चलते हैं।
कुछ सामान्य क्रोनिक रोगों में शामिल हैं:
हृदय रोग
ये रोग अक्सर असंतुलित खान-पान, जीवन शैली और वातावरणीय कारकों के कारण होते हैं। इन रोगों का उपचार अक्सर लंबा होता है और डॉक्टर द्वारा निर्धारित किए गए उपचार का सख्त अनुसरण करना बहुत जरूरी होता है।
मानसिक बीमारियां
मानसिक बीमारियां वे रोग हैं जो व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। इनमें विभिन्न प्रकार की बीमारियां शामिल होती हैं, जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं:
कैंसर
कैंसर एक गंभीर रोग है जो शरीर के किसी भी भाग में असंयमित रूप से विकसित होने वाले असामान्य ऊतकों (कोशिकाओं) के कारण उत्पन्न होता है। इन ऊतकों की असंयमित विकास के कारण उन्हें शरीर में लक्षणों का सामना करना पड़ता है। कैंसर विभिन्न प्रकार के होते हैं, जैसे:
ब्लड प्रेशर
ब्लड प्रेशर शरीर के रक्त संचार के दबाव को दर्शाता है। जब हमारी हृदय धड़कन होती है, तब रक्त दिल से होकर अन्य अंगों में बहता है। इस बहाव के दबाव को ब्लड प्रेशर कहा जाता है। ब्लड प्रेशर को मिलीमीटर में संख्याओं में निर्दिष्ट किया जाता है जो दो भागों से मिलकर बनता है। पहला भाग सिस्टॉलिक प्रेशर होता है, जो जब हमारा हृदय धड़कता है तब ब्लड प्रेशर का ऊंचा स्तर होता है। दूसरा भाग डायस्टोलिक प्रेशर होता है, जो जब हमारे हृदय का संकुचन होता है तब ब्लड प्रेशर का निम्न स्तर होता है।
ब्लड प्रेशर का स्तर हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। अधिक ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) अनेक समस्याओं का कारण बन सकता है, जैसे दिल की बीमारियां, किडनी की बीमारियां और मस्तिष्क संबंधी समस्याएं। इसके विपरीत, कम ब्लड प्रेशर (हाइपोटेंशन) भी शारीरिक समस्याओं का कारण बन सकता है, जैसे चक्कर आना, थकान।
हृदय रोग
हृदय रोग हृदय के संबंधित रोग होते हैं जो हृदय या उसके आसपास के अंगों में होने वाली समस्याओं का कारण बनते हैं। हृदय रोगों की कुछ सामान्य समस्याएं शामिल हैं - हृदय अधिक बढ़ जाना (हाइपरटेंशन), हृदय अवरोध (अथखेंड) और हृदय असंगतता (अरिथ्मिया)।
डायबिटीज
डायबिटीज एक रोग है जो शुगर (ग्लुकोज) मेटाबोलिज्म के असामान्यता के कारण होता है। इस रोग में, पंक्रियास शरीर को इंसुलिन नामक एक हार्मोन उत्पन्न करने में असमर्थ होता है या फिर उत्पन्न हुआ इंसुलिन शरीर के कुछ हिस्सों में ग्लुकोज को उचित ढंग से प्रबंधित करने में असमर्थ होता है। इससे, शरीर में अतिरिक्त शर्करा रहता है, जिसे हानिकारक बनाने के लिए अधिक उच्च शर्करा स्तरों की आवश्यकता होती है।
अस्थमा
अस्थमा एक श्वसन संबंधी बीमारी है जो श्वसन के मार्ग में सूजन या अंतःश्वसन मार्गों की अवांछना के कारण विशेष रूप से श्वसन तकलीफ के साथ लक्षणों को प्रभावित करता है। अस्थमा के लक्षणों में से कुछ हैं - गला सूखना, सांस लेने में तकलीफ, फीफड़ों से श्वसन की अवांछना के लिए चेस्ट में दर्द या दबाव, सांस लेने में श्वास लेने में दिक्कतें या फिर छाती में सीने के नीचे बंद महसूस करना।
अस्थमा के लिए कुछ सामान्य उपचार में शामिल हैं - उचित दवाओं के सेवन, इंहेलर (अस्थमा दवा को सीधे फेफड़ों तक पहुंचाने वाला डिवाइस) के उपयोग, श्वसन व्यायाम, अल्पवायु क्षेत्रों से दूरी रखना और तंबाकू और धूम्रपान से दूर रहना। वैद्यकीय सलाह का पालन करना आवश्यक होता है और अस्थमा रोगियों को अपने डॉक्टर से नियमित रूप से जांच और समीक्षा करानी चाहिए।
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