समय से पहले खो देंगे अपनी आंखों की रोशनी, इन लक्षणों को ना करें नजरअंदाज

समय से पहले खो देंगे अपनी आंखों की रोशनी, इन लक्षणों को ना करें नजरअंदाज

HEALTH TIPS: आंखें(Eye care) इंसान के लिए एक अनमोल चीज है क्योंकि इनके बिना जीवन काफी मुश्किल हो जाता है। कई लोगों को जन्म से ही आंखो की रोशनी नहीं मिलती तो कई लोग आंखों होने के बाद अपनी लापरवाही के कारण आंखों की रोशनी से हाथ धो लेते है। इसमें कई बीमारी भी शामिल है। जिसमें से एक हा ग्लूकोमा की बीमारी। ये गंभीर बीमारी तो नहीं है। लेकिन लापरवाही करने से ये खतरानाक बन सकती है।

क्या है ग्लूकोमा बीमारी

ग्लूकोमा एक आंखों की बीमारी है जिसमें आंखों के अंदर के पीछे की ओर जाने वाली रक्तवाहिनियों में दबाव बढ़ जाता है, जिसके परिणामस्वरूप आंखों के अंदर के पूर्वदिशा (आंतरपुर) के हिस्से में दबाव बढ़ने से आंखों की रोशनी कमजोर हो सकती है और यह अचानक या धीरे-धीरे विकसित हो सकता है। यह एक स्थिरता प्राप्त करने वाली बीमारी होती है और यह बिना इलाज के आगे बढ़ सकती है, जिससे आंखों की रोशनी को बहुतायत से प्रभावित किया जा सकता है।

ग्लूकोमा के कुछ मुख्य लक्षण निम्नलिखित होते हैं:

  • धीरे-धीरे रोशनी की कमी:ग्लूकोमा के प्रारंभिक चरण में रोशनी की कमी बिल्कुल दिखाई नहीं देती है, और व्यक्ति को इसके बारे में जागरूकता नहीं होती है।
  • दृष्टिसंकोच (Tunnel Vision): इस बीमारी के विकास के साथ, व्यक्ति की दृष्टि केंद्रीय हिस्सों से बाहर जाती है, जिससे उसकी दृष्टि समय-समय पर कमजोर होती जाती है।
  • अंधापन:ग्लूकोमा के बाद, व्यक्ति को अंधापन की भावना हो सकती है, खासकर अंधेरे जगहों में।
  • बिना कारण आँसू आना:कुछ लोगों को बिना किसी कारण के आँसू आने की समस्या हो सकती है, जिसका कारण ग्लूकोमा हो सकता है।
  • आँखों में दर्द या चुभन:ग्लूकोमा के विकास के साथ, आँखों में दर्द या चुभन की समस्या हो सकती है।
  • आंखों का लालापन या सुजन:अगर बीमारी की स्थिति गंभीर हो जाती है, तो आंखों का लालापन या सुजन भी हो सकता है।

ग्लूकोमा के लक्षण हो सकते हैं, लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि ये लक्षण आमतौर पर बिल्कुल दिखाई नहीं देते हैं, जब तक कि बीमारी बहुत प्रगत न हो जाए। अगर आपको लगता है कि आपकी आंखों में कोई समस्या हो सकती है, तो आपको नियमित रूप से आँखों की जांच करवानी चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

Leave a comment