
India Oil Imports: पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए अमेरिका द्वारा भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को रूस से तेल खरीदने की हालिया छूट (waiver) देने के फैसले पर सवाल उठाया। केजरीवाल ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका से अनुमति लेने की क्या जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों में देशवासियों ने देखा है कि प्रधानमंत्री लगातार अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनल ट्रंप के सामने झुकते रहे और मजबूती से अपनी बात नहीं रख पाए।
भारत हजारों साल पुराना देश- केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा कि भारत हजारों साल पुराना देश है, 1.4 अरब लोगों की महान सभ्यता है। हमारे देश ने बहादुर योद्धाओं और नेताओं को जन्म दिया है। कभी भी भारत ने किसी देश के सामने ऐसा सिर झुकाया नहीं। भारतीय नेतृत्व इतना कमजोर कभी नहीं दिखा। अगर आपकी कोई मजबूरी है जिसे ट्रंप भुना रहे हैं, तो भारत और भारतीय हितों के लिए इस्तीफा दें। लेकिन भारत का सिर इस तरह झुकाने की गलती न करें।"
स्कॉट बेसेंट का बयान
इस चर्चा का संबंध अमेरिका के वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट के बयान से है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की ऊर्जा नीति के तहत तेल और गैस का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। इसी वजह से अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दी है। उन्होंने ये भी कहा कि यह केवल समुद्र में फंसे तेल के लेनदेन के लिए है और इसका रूस को ज्यादा वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा।
पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव
इस छूट के समय भारत पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति में संभावित खतरों का सामना कर रहा है। 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली संयुक्त हमले में ईरानी सुप्रीम नेता अयातुल्लाह अली खामनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौत हुई थी। भारत अपनी तेल जरूरतों का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा पश्चिम एशिया से प्राप्त करता है, जिसमें Strait of Hormuz के माध्यम से तेल पहुंचता है। केजरीवाल ने इस पूरी स्थिति को लेकर केंद्र सरकार की विदेश नीति और नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं और कहा कि देशवासियों को इसके लिए चिंता है।
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