
KN Rajanna Resign: कर्नाटक के सहकारिता मंत्री के.एन. राजन्ना ने सोमवार 11 अगस्त को अपने मंत्रि पद से इस्तीफा दे दिया। दरअसल, उन्होंने मतदाता सूची में अनियमितताओं को लेकर अपनी ही पार्टी यानी कांग्रेस के खिलाफ आवाज उठाई थी। राजन्ना ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को सौंपा था। जिसके बाद राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
हाल ही में, उन्होंने अपने बयानों में स्वीकार किया कि 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान मतदाता सूची में अनियमितताएं कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही हुई थीं। इस बयान ने न केवल कांग्रेस के आधिकारिक रुख को चुनौती दी, बल्कि पार्टी के भीतर तनाव को भी बढ़ा दिया।
अनियमितताओं की बात स्वीकारी
के.एन. राजन्ना ने हाल ही में बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा क्षेत्र के महादेवपुरा विधानसभा खंड में मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा 'मतदाता सूची कब तैयार हुई? यह हमारी अपनी सरकार के समय में तैयार हुई थी। उस समय क्या सभी लोग चुपचाप आंखें बंद करके बैठे थे? ये अनियमितताएं वास्तव में हुईं, यह सच है। हमें इस पर शर्मिंदगी महसूस करनी चाहिए।'
यह बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस दावे के खिलाफ था, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में 'वोट चोरी' का आरोप लगाया था। राजन्ना ने यह भी कहा कि जब मसौदा मतदाता सूची तैयार की गई थी, तब कांग्रेस नेताओं ने आपत्तियां दर्ज नहीं कीं, जो उनकी जिम्मेदारी थी।
के.एन. राजन्ना से जुड़े विवाद
मधुगिरी से विधायक और सिद्धारमैया के वफादार माने जाने वाले के.एन. राजन्ना पहले भी विवादों में रहे हैं। उन्होंने हाल ही में उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से हटाने और दलित मुख्यमंत्री की वकालत करने जैसे बयानों से सुर्खियां बटोरी थीं। इसके अलावा मार्च 2025 में उन्होंने 48 विधायकों को 'हनी ट्रैप' में फंसाने का आरोप लगाया था, जिसकी जांच में कोई सबूत नहीं मिला।
Leave a comment