महिला का गला घोंट...गड्ढे में जिंदा किया दफन, योग ने बचाई महिला की जान

महिला का गला घोंट...गड्ढे में जिंदा किया दफन, योग ने बचाई महिला की जान

BengaluruCrime: कर्नाटक के चिकबल्लापुर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला योगा टीचर के अपहरण और हत्या की कोशिश की गई। लेकिन महिला योगा टीचर ने हमलावर को चकमा दे दिया और बच गई। दरअसल, 34 साल के एक योगा टीचर का अपहरण कर लिया गया था।उसे 30 किमी दूर जंगल में ले जाया गया। वहां उसके कपड़े उतार दिए गए और उसके साथ दुराचार किया गया। इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने उसका गला घोंट दिया। लेकिन योग टीचर ने अपनी सूझबूझ और सांस रोकने की तकनीक से उसकी जान बचा ली।

महिला को दफनाने के बाद चले गए आरोपी

23 अक्टूबर को हुई इस घटना में जब पीड़िता ने मरने का नाटक किया तो अपहरणकर्ताओं ने उसे मरा हुआ समझकर गड्ढा खोदा और उसमें फेंक दिया। आनन-फानन में उन्होंने उस पर मिट्टी डाल दी और उसके आभूषण लेकर भाग गए। महिला योगा टीचर गड्ढे से बाहर निकलने में कामयाब रही।उन्होंने आसपास के लोगों से कपड़े उधार लिए और एक दिन बाद खुद को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से भी की।

पुलिस ने 6 लोगों को किया है गिरफ्तार

महिला की शिकायत पर पुलिस ने चार पुरुषों, एक महिला और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार महिला बिंदू (27) के कहने पर योगा टीचर का अपहरण किया गया था।सूत्रों ने बताया कि बिंदू को अपने पति संतोष कुमार की एक योग शिक्षिका से नजदीकियों पर शक था। उन्होंने अपने दोस्त सतीश रेड्डी, जो बेंगलुरु में एक निजी जांच एजेंसी चलाते हैं, से महिला की जांच करने के लिए कहा।

योग सीखने के बहाने करी थी दोस्ती

सतीश ने कथित तौर पर योग सीखने के बहाने एक महिला योग शिक्षक से दोस्ती की। 23 अक्टूबर को, वह सुबह लगभग 10:30 बजे उसके घर गया और उसे अपने घर के पास राइफल शूटिंग सत्र के लिए अपने साथ चलने के लिए कहा। जब वह अपनी कार में थी, तीन आदमी और एक लड़का कार में सवार हुए।इसके बाद सीधे सिद्धलगट्टा तालुक के धनुमित्तनहल्ली के एक जंगली इलाके में चले गए। उन्होंने महिला को धमकाया, उसके कपड़े उतारे और उसके साथ छेड़छाड़ की। इसके बाद उन्होंने केबल से उसका गला घोंटने की कोशिश की।

महिला ने बताया कि कैसे उसने बचाई अपनी जान

बाद में तमन्ना ने पुलिस को बताया कि मेरी सूझबूझ और योग तकनीकों के हिस्से के रूप में अपनी सांस रोकने की क्षमता ने मेरी जान बचाई। जैसे ही वह जमीन पर गिरी, अपहरणकर्ताओं को लगा कि वह मर गई है। उन्होंने मेरे गहने निकाल कर मुझे एक गड्ढे में दबा दिया और वहां से चले गये।

पुलिस ने इस मामले में बिंदू, सतीश रेड्डी (40), रमन्ना (34), नागेंद्र रेड्डी (35), रविचंद्र (27) और एक नाबालिग लड़के को गिरफ्तार किया है।सतीश, रमन्ना और नागेंद्र आंध्र प्रदेश के निवासी हैं, जबकि रविचंद्र और लड़का रायचूर जिले के निवासी हैं। आरोपियों को कर्नाटक के अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया गया।

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