एशिया में मंडरा रहे कोरोना के नए खतरे से भारत में अलर्ट, जानें कितना खतरनाक है JN.1 वैरिएंट?

एशिया में मंडरा रहे कोरोना के नए खतरे से भारत में अलर्ट, जानें कितना खतरनाक है JN.1 वैरिएंट?

Covid-19 JN.1 Variant: दुनियाभर में एक बार फिर कोविड-19अपने पैर पसार रहा है। सिंगापुर, हॉन्गकॉन्ग, थाईलैंड और चीन जैसे देशों में कोविड-19के JN.1वैरिएंट के कारण मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। एक रिपोर्ट की मानें तो भारत में अभी कोविड के करीब 257सक्रिय मामले दर्ज किए गए हैं। जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने निगरानी बढ़ा दी है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोविड-19के JN.1को "वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट" के रूप में वर्गीकृत किया है। लेकिन क्या यह वैरिएंट वाकई खतरनाक है?

दुनियाभर में कोविड-19की स्थिति

एशिया के कई देशों में JN.1वैरिएंट के कारण कोविड-19मामलों में तेज वृद्धि देखी जा रही है। सिंगापुर में 27अप्रैल से 3मई 2025तक 14,200नए मामले दर्ज किए गए। अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या भी 30%बढ़कर 133प्रतिदिन हो गई है, हालांकि ICU में भर्ती मरीजों की संख्या में कमी आई है। वहीं, हॉन्गकॉन्ग में 10मई तक 1,042मामले और 31मौतें दर्ज की गईं।

इसके अलावा थाईलैंड में 2025की शुरुआत से 71,000से अधिक मामले सामने आए हैं, जिनमें से अधिकांश बैंकॉक जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में हैं। चीन में भी कोविड-19के मामले मई की शुरुआत तक दोगुनी हो गई है।

भारत में कोविड-19की स्थिति

अब अगर भापत की बात करें तो भारत में कोविड-19की स्थिति नियंत्रण में है। लेकिन मामलों के धीरे-धीरे बढ़ने से लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। 19मई तक देश में 257सक्रिय मामले हैं। केरल में सबसे ज्यादा 69नए मामले दर्ज किए गए। इसके बाद महाराष्ट्र में 44और तमिलनाडु में 34नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा कर्नाटक में 08, गुजरात में 06, दिल्ली में 03और हरियाणा, राजस्थान, सिक्किम में कोविड-19के 01-01मामला सामने आया है।

JN.1वैरिएंट क्या है?

JN.1, ओमिक्रॉन की BA.2.86सब-लाइनेज का एक उप-वैरिएंट है, जिसे पहली बार अगस्त 2023में अमेरिका में पहचाना गया था। JN.1में लगभग 30म्यूटेशन्स हैं, जिनमें से एक स्पाइक प्रोटीन में बदलाव इसे पहले के वैरिएंट्स की तुलना में अधिक संक्रामक बनाता है। यह म्यूटेशन वायरस को मानव कोशिकाओं से आसानी से जुड़ने और प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देने में मदद करता है। इसके दो उप-वैरिएंट्स, LF.7और NB.1.8, सिंगापुर जैसे देशों में दो-तिहाई मामलों के लिए जिम्मेदार हैं।

JN.1वैरिएंट के लक्षण

JN.1वैरिएंट के लक्षण पिछले ओमिक्रॉन वैरिएंट्स जैसे ही हैं। गले में खराश, सूखी खांसी, थकान, नाक बहना या बंद होना और सिरदर्द जैसे लक्षण हैं। कुछ मामलों में, अधिक थकान और डायरिया की शिकायतें भी सामने आई हैं।

कितना खतरनाक है JN.1?

WHO की मानें तो JN.1गंभीर बीमारी पैदा करने में पिछले ओमिक्रॉन वैरिएंट्स से अलग नहीं है। इसकी उच्च संक्रामकता ही इसे चिंता का विषय बनाती है। सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग के अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ी है। लेकिन ICU मामलों में कोई बड़ा उछाल नहीं देखा गया। वहीं, भारत में भी स्थिति काबू में है। WHO ने सर्तक रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।

WHO का कहना है कि भीड़-भाड़ वाली जगहों और खराब वेंटिलेशन वाले स्थानों पर मास्क जरूर पहनें। नियमित रूप से हाथ धोएं और हाइजीन का पूरा ध्यान रखें। सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखें। इशके अलावा JN.1 का पता लगाने के लिए RT-PCR टेस्ट कराएं।

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