
Gujarat News: अहमदाबाद में एक सोने-चांदी के व्यापारी, मेहुल ठक्कर, के साथ एक शातिर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने 1.30करोड़ रुपये के नकली नोट देकर मेहुल से 2किलो से अधिक सोना ठग लिया। इस घटना में जालसाजों ने एक पूरी तरह से फर्जी अंगड़िया फर्म का सहारा लिया।
कैसे हुई धोखाधड़ी की शुरुआत?
ये कहानी 23सितंबर को शुरू हुई, जब मेहुल ठक्कर को लक्ष्मी ज्वेलर्स के मैनेजर का फोन आया। उन्होंने 2किलो 100ग्राम सोना खरीदने की इच्छा जताई। मेहुल, जो पिछले 15वर्षों से लक्ष्मी ज्वेलर्स के साथ व्यापार कर रहे थे, ने विश्वास के साथ 1.60करोड़ रुपये में सौदा तय किया और दूसरे दिन सोना भेजने का वादा किया।
लेन-देन के दौरान हुआ धोखा
24सितंबर को, लक्ष्मी ज्वेलर्स के मैनेजर ने मेहुल से संपर्क किया और कहा कि एक पार्टी को तुरंत सोना चाहिए, लेकिन RTGS का सिस्टम काम नहीं कर रहा है। इसलिए, उन्होंने सिक्योरिटी अमाउंट देने का प्रस्ताव रखा और बाकी का भुगतान अगले दिन करने का आश्वासन दिया। मेहुल ने तुरंत अपने स्टाफ से 2किलो 100ग्राम सोना लेकर सीजी रोड पर जाने को कहा।
सीजी रोड पर पहुंचने पर, मेहुल के स्टाफ ने देखा कि तीन लोग मौके पर मौजूद थे। इन लोगों ने 1.30करोड़ रुपये के नकली नोट सिक्योरिटी डिपॉजिट के तौर पर दिए। जब मेहुल के स्टाफ ने नोटों की जांच की, तो पता चला कि ये नकली थे। नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर के बजाय फिल्म अभिनेता अनुपम खेर की तस्वीर छपी थी, और RBI की जगह 'RESOLE BANK OF INDIA' लिखा हुआ था।
फर्जी फर्म की असलियत
मेहुल ठक्कर ने जब आसपास के दुकानदारों से जानकारी ली, तो पता चला कि वहां कोई अंगड़िया फर्म थी ही नहीं। जिस व्यक्ति ने लक्ष्मी ज्वेलर्स के मैनेजर का रूप धारण किया था, उसका फोन भी बंद मिला। ठगी का एहसास होते ही मेहुल ने नवरंगपुरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस ने बताया कि नोट गिनने वाली मशीन लेकर खड़ा व्यक्ति भी ठगों को नहीं जानता था। अब पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों को पकड़ने के लिए एक टीम का गठन किया है। इस पूरे मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जालसाजों ने एक फर्जी अंगड़िया फर्म बना कर मेहुल ठक्कर को ठगा है। पुलिस नए तरीके की ठगी की जांच में जुटी हुई है।
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