बाबा सिद्दीकी की हत्या पर राहुल गांधी का बयान, बोले - महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त

बाबा सिद्दीकी की हत्या पर राहुल गांधी का बयान, बोले - महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त

Baba Siddiqu Murder: मुंबई में शनिवार रात को एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बांद्रा ईस्ट में उन पर कई राउंड फायरिंग की गई, जिसमें उन्हें दो गोलियां लगीं। उन्हें तत्काल लीलावती अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने राज्य में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना के बाद, विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह घटना महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने का संकेत देती है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "बाबा सिद्दीकी जी का निधन चौंकाने वाला और दुखद है। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और न्याय मिलना चाहिए।"

खड़गे ने न्याय की मांग की

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस मामले में बाबा सिद्दीकी के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने X पर लिखा, "बाबा सिद्दीकी का दुखद निधन स्तब्ध करने वाला है। मैं उनके परिवार, दोस्तों और समर्थकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए और वर्तमान महाराष्ट्र सरकार को गहन और पारदर्शी जांच का आदेश देना चाहिए। जवाबदेही सर्वोपरि है।"

ओवैसी ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

बाबा सिद्दीकी की हत्या पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह घटना महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को दर्शाती है। ओवैसी ने लिखा, "एक ही दिन में दो मौतों की विनाशकारी खबर। बाबा सिद्दीकी की हत्या बेहद निंदनीय है। यह महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को दर्शाता है।"

सीएम शिंदे ने सख्त कार्रवाई का दिया आश्वासन

सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और एक अभी भी फरार है। उन्होंने मुंबई पुलिस को निर्देश दिया कि कोई भी कानून व्यवस्था को अपने हाथ में नहीं ले सकता।

सिद्दीकी का राजनीतिक सफर

बाबा सिद्दीकी ने इसी वर्ष फरवरी में कांग्रेस छोड़कर एनसीपी (अजीत पवार गुट) में शामिल होने का निर्णय लिया था। उन्हें 15 दिन पहले जान से मारने की धमकी मिली थी, जिसके बाद उन्हें Y कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की गई थी। इस सुरक्षा के बावजूद उनका मर्डर होना कई सवाल खड़े करता है, जो राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता का विषय है।

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