
Delhi: विश्व स्वास्थ्य संगठन अक्सर स्वास्थ्य से जुड़ी दवाओं को लेकर अलर्ट जारी करता रहता है। इस बीच डब्यूएचओ ने कैंसर के फेक इंजेक्शन को लेकर लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। बता दें कि इस फेक इंजेक्शन में भारत का भी नाम शामिल है। इतना ही नहीं फेक कैंसर इंजेक्शन एडसेट्रिस की आवाजाही और बिक्री पर उन्होंने निगरानी बढ़ा दी है।
नकसी कैंसर की दवा को लेकर जारी किया अलर्ट
दरअसल डब्ल्यूएचओ की जांच के अनुसार, भारत में कम से कम आठ अलग-अलग बैच संख्या में इंजेक्शन के नकली संस्करण प्रचलन में हैं। साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत सहित चार देशों को देशभर के दवा नियामकों को रैंडम नमूने लेने का निर्देश दिया। साथ ही संगठन ने रोगियों को शिक्षित करने के लिए भी कहा।
2 साल के बच्चों के लिए इस देश में बनाई जाती है दवा
बता दें कि जापान की एक दवा कंपनी एडसेट्रिस इंजेक्शन नाम का एक दवा बनाती है, जिसका उपयोग अनट्रीटेड स्टेज 3या 4के क्लासिकल हॉजकिन लिंफोमा वाले वयस्क रोगियों के इलाज के लिए किया जाता है। यह दवा दो वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को भी दिया जाता है। वही इसको लेकर कंपनी के एक प्रवक्ता का कहना है कि हम दृढ़ता से अनुशंसा करते हैं कि एडसेट्रिस को केवल टेकेडा-अधिकृत वितरण स्रोतों से ही खरीदा जाना चाहिए।
मीडिया संस्थान से बातचीत करते हुए प्रवक्ता ने आगे कहा, ‘फेक मेडिकल प्रोडक्ट्स सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा पैदा करते हैं। टेकेडा इंडिया अपने उत्पादों की अखंडता की रक्षा करने और रोगी की सुरक्षा की रक्षा के लिए, जो हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, नकली दवाओं के खिलाफ लड़ाई का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।’
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