
Middle East War: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत की एलपीजी (रसोई गैस) सप्लाई में अब कुछ राहत मिलती दिख रही है। Strait of Hormuz से होकर दो भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से आगे बढ़ रहे हैं, जो देश के लिए गैस लेकर आ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, “जग वसंत” और “पाइन गैस” नाम के ये दोनों बड़े गैस टैंकर सोमवार को यूएई के तट से आगे बढ़ते हुए ईरान के केश्म और लारक द्वीपों के पास से गुजरे। ये जहाज खास रास्ते से जा रहे हैं, जो ईरान की निगरानी में सुरक्षित माना जा रहा है।
ईरान से विशेष समझौता
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए बेहद अहम रास्ता है, जहां से खाड़ी देशों का तेल और गैस वैश्विक बाजारों तक पहुंचता है। लेकिन फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद से यहां हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। इसके चलते ईरान ने समुद्री आवाजाही पर सख्ती बढ़ा दी है। फिलहाल सिर्फ उन्हीं देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति मिल रही है, जिन्होंने ईरान से विशेष समझौता किया है। भारत भी उन्हीं देशों में शामिल है, जिसे रसोई गैस की सप्लाई बनाए रखने के लिए यह अनुमति मिली है।
भारत की ओर आ रहे दो जहाज
बताया जा रहा है कि ये दोनों जहाज भारत की ओर ही आ रहे हैं। इससे पहले भी इसी तरह के दो जहाज सफलतापूर्वक यह रास्ता पार कर चुके हैं। अगर सब कुछ ठीक रहा तो ये जहाज सोमवार शाम तक ओमान की खाड़ी में पहुंच सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इन चारों जहाजों की कुल गैस सप्लाई भारत की जरूरतों को सिर्फ 2 से 3 दिन तक ही पूरा कर पाएगी। इसके बावजूद यह मौजूदा संकट के बीच एक बड़ी राहत मानी जा रही है।
इसी बीच सरकार ने देश के सभी बंदरगाहों को एलपीजी जहाजों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। Deendayal Port पर भी एलपीजी जहाजों को पहले जगह देने का आदेश जारी किया गया है। कुल मिलाकर, भारत इस मुश्किल समय में संतुलन बनाकर अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की कोशिश कर रहा है।
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