Search KhabarFast

Press ESC to close

'कई मंदिरों में शराब भी चढ़ती है तो क्या कोर्ट...' सबरीमाला मामले की बहस में उठा सवाल

'कई मंदिरों में शराब भी चढ़ती है तो क्या कोर्ट...' सबरीमाला मामले की बहस में उठा सवाल

SC Hearing On Sabrimala: केंद्र सरकार ने गुरुवार यानी 9 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में सबरीमाला केस की सुनवाई के दौरान भारत के मंदिरों में रीतियों और परंपराओं को लेकर अपनी बात रखी। एएसजी नटराज ने कहा कि दक्षिण भारतीय मंदिरों में प्रसाद के रूप में शराब चढ़ाई जाती है। कल को आप इस पर यह आपत्ति नहीं उठा सकते कि शराब प्रसाद के रूप में नहीं दउच्चतम न्यायालय की 9 जजों की बेंच धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव से जुड़े मामलों की 9 अप्रैल से लगातार सुनवाई कर रही है। इसमें विभिन्न धर्मों में प्रचलित धार्मिक स्वतंत्रता की सीमा और दायरे पर भी चर्चा हो रही है। 

एएसजी नटराज ने रखा अपना पक्ष 

एएसजी नटराज ने कहा कि उदाहरण के तौर पर कई मंदिरों में शाकाहारी भोजन परोसा जाता है, और अगर कोई व्यक्ति अपनी पसंद के अनुसार कहता है कि वह मांसाहारी भोजन करना चाहता है, तो वह किसी खास संप्रदाय के पास जाकर यह नहीं कह सकता कि मेरा यह अधिकार है और मुझे मांसहारी भोजना परोसा जाना चाहिए। उसे उन श्रद्धालुओं के अधिकारों में दखल देने का कोई मतलब नहीं है। 

Also read: यमुना स्वच्छता के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा संकल्प, 'ग्रीन बजट' का बड़ा हिस्सा यमुना सफाई के लिए आवंटित

तुषार मेहता ने रखीं अपनी दलीलें 

इससे पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपनी दलीलों को खत्म करते हुए कहा कि 'सबरीमाला पर दिया गया पहले का  निर्णय इस धारणा पर आधारित था कि पुरुषों को श्रेष्ठ और महिलाओं को निम्न माना जाता है। उन्होंने कहा कि यह धारणा अच्छा नहीं है।  क्योंकि देश में ऐसे कई मंदिर हैं जहां केवल महिलाओं को ही एंट्री दी जाती है, कहीं अविवाहित पुरुषों का प्रवेश अवैध है, और यहां तक कि एक ऐसा मंदिर भी है जहां विवाहित पुरुषों को महिलाओं के वेश में ही जाना होता है। 

मुख्य न्यायाधिश कर रहे मामले की सुनवाई 

उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह मामला 'पुरुष-प्रधान पूजा' का नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी दलीलें केवल संविधान की धारा 25 और 26 तक सीमित रखी है और मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण जैसे मुद्दों को नहीं उठाया है। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत फिलहाल केवल सात कानूनी प्रश्नों पर विचार कर रही है। इसके बाद सॉलिसिटर जनरल ने केंद्र सरकार की ओर से अपनी दलीलें खत्म की।

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

CBSE ने स्कूलों को तीसरी भाषा लागू करने का दिया आदेश, 7 दिनों के भीतर लागू करने का फरमान

CBSE Introduce Three Language Policy:केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एक बड़ा निर्णय लिया है। अब कक्षा 6 के छात्रों के लिए तीसरी भाषा को अनिवार्य कर दिया गया है। बोर्ड द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार सभी संबद्ध स्कूलों को अगले 7 दिनों के भीतर इस निर्णय को लागू करना होगा।

असम, केरल और पुड्डुचेरी में वोटिंग खत्म, 4 मई को आएंगे नतीजे; उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद

Assembly Election Voting:असम, केरलम और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग शाम 6 बजे खत्म हो गई। चुनाव आयोग के अनुसार शाम 5 बजे तक असम में 84.42 फीसदी, केरलम में 75.01 फीसदी और पुडुचेरी में 86.92 फीसदी मतदान हुआ।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

Khabar Fast