
Manu Bhakar Khel Ratan Award Row: खेल रत्न को लेकर भारतीय निशानेबाज मनु भाकर खबरों में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पेरिस ओलंपिक मेडल विजेता मनु भाकर का नाम खेल रत्न के लिए सिफारिश किए गए खिलाड़ियों में नहीं है। यहीं से मामला गरमा हुआ? ऐसे में सवाल है कि खेल रत्न कैसे मिलता है, इसकी योग्यता क्या है और कौन तय करता है अवॉर्डी के नाम?
मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड चर्चा का विषय बना हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि खेल मंत्रालय की पुरस्कार समिति ने खेल रत्न के लिए जिन नामों की पैरावी की है, उसमें निशानेबाज मनु भाकर का नाम शामिल नहीं है। मनु ने पेरिस ओलंपिक में दो मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया था। इसके बाद चर्चा में शुरू हुई कि मनु भाकर को खेल रत्न क्यों नहीं दिया जा रहा? इस मामले में उनके पिता राम किशन और कोच जसपाल राणा ने भी बयान दिया है।
कैसे कर सकते हैं आवेदन?
युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, योग्यता रखने वाले खिलाड़ी बिना किसी सिफारिश के सीधे आवेदन कर सकते हैं। आवेदनकर्ता को आधिकारिक वेबसाइट पर दिए आवेदन पत्र भरना होगा। वहीं, नामांकन पत्र को दिए ईमेल पर भी भेजना होगा। जिसके बाद खेल मंत्रालय को मिले आवेदनों पर पुरस्कार समिति विचार करती है। समिति तय करती है कि किस खिलाड़ी को खेल रत्न मिलना चाहिए और किसे नहीं। इसके आधार पर लिस्ट जारी की जाती है, जिसमें योग्य खिलाड़ियों के नाम का ऐलान किया जाता है।
इसके अलावा खेलों से जुड़ी अथॉरिटी भी खिलाड़ी के नाम की सिफारिश कर सकता है। जैसे- नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन, इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन, बीसीसीआई, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और स्टेट स्पोर्ट्स बोर्ड के पास 2-2नामों की सिफारिश का ऑप्शन दिया जाता है। ध्यान रखने की बात है कि गलत फॉर्मेट और अंतिम तारीख के बाद जमा किए गए आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
कब शुरुआत हुई खेल रत्न?
बता दें कि, भारत में खेल रत्न की शुरुआत 1991-92 में हुई। यह देश का सर्वोच्च खेल पुरस्कार है। खेल रत्न अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सबसे बेहतर प्रदर्शन करनेवाले खिलाड़ी को दिया जाता है। इसकी शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर हुई थी। साल 2021 में इसका नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड किया गया।
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